रायपुर में हर साल 1000 से ज्यादा बाइक चोरी पर लगाम के लिए स्पेशल टीम बनी। एआई से निगरानी होगी, पुलिस को रियल टाइम अलर्ट मैसेज मिलेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा कदम उठाया है। शहर में हर साल 1000 से अधिक बाइक चोरी की शिकायतें दर्ज हो रही हैं, जिससे आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही थी। अब इस समस्या पर नियंत्रण के लिए रायपुर पुलिस कमिश्नरी में एक विशेष स्पेशल टीम का गठन किया गया है, जो आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से वाहन चोरों पर नजर रखेगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार नई टीम को खास तौर पर बाइक चोरी के मामलों की निगरानी, त्वरित कार्रवाई और तकनीकी विश्लेषण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हर साल 1000 से ज्यादा बाइक चोरी के मामले
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रायपुर शहर में बीते कुछ वर्षों से दोपहिया चोरी की घटनाओं में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। व्यस्त बाजार क्षेत्र, कॉलोनियां, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सबसे अधिक बाइक चोरी की घटनाएं सामने आती हैं।
अधिकतर मामलों में वाहन मालिक कुछ मिनटों के लिए वाहन खड़ा करते हैं और इसी दौरान शातिर चोर बाइक लेकर फरार हो जाते हैं।
कमिश्नरी में बनी विशेष स्पेशल टीम
रायपुर पुलिस कमिश्नरी ने बाइक चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अलग से एक स्पेशल टीम बनाई है। इस टीम में अनुभवी पुलिसकर्मियों के साथ तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है।
टीम को चोरी के पैटर्न, हॉटस्पॉट एरिया और सक्रिय गिरोहों पर विशेष निगरानी रखने का काम सौंपा गया है।
एआई से होगी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत शहर के विभिन्न इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों को एआई आधारित सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा। यह सिस्टम संदिग्ध गतिविधियों, बिना हेलमेट या संदिग्ध तरीके से बाइक ले जाने वाले व्यक्तियों की पहचान करने में पुलिस की मदद करेगा।
सिस्टम नंबर प्लेट, वाहन का रंग, मॉडल और समय की जानकारी का विश्लेषण कर संदिग्ध गतिविधियों को चिन्हित करेगा।
पुलिस को मिलेगा रियल टाइम अलर्ट
जैसे ही किसी संदिग्ध गतिविधि या चोरी की आशंका सिस्टम को होगी, पुलिस कंट्रोल रूम और संबंधित थाना स्टाफ को तुरंत अलर्ट मैसेज मिलेगा। इसके बाद मौके पर गश्त कर रही टीम को तुरंत सूचना देकर कार्रवाई की जाएगी।
इससे चोरी के तुरंत बाद ही पुलिस को सुराग मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
हॉटस्पॉट इलाकों पर रहेगी कड़ी नजर
स्पेशल टीम द्वारा पहले से चिन्हित बाइक चोरी के हॉटस्पॉट इलाकों में अतिरिक्त पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।
वाहन मालिकों से भी की गई अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर ही पार्क करें, हैंडल लॉक का उपयोग करें और सीसीटीवी कैमरे के दायरे में वाहन खड़ा करने का प्रयास करें। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने को भी कहा गया है।
तकनीक से मजबूत होगी पुलिसिंग
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एआई आधारित निगरानी प्रणाली से न केवल बाइक चोरी के मामलों में कमी आएगी, बल्कि अपराधियों की पहचान और ट्रैकिंग भी पहले से कहीं अधिक तेज और सटीक होगी।
नई तकनीक से पुलिसिंग को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।

