रायपुर में शिक्षकों ने पेंशन, पदोन्नति और टीईटी नियमों में बदलाव तथा सेवा अवधि घटाने की मांग को लेकर शासन को ज्ञापन सौंपा।
रायपुर। प्रदेश के शिक्षकों ने पेंशन, पदोन्नति और शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से जुड़े नियमों में संशोधन की मांग को लेकर रायपुर में ज्ञापन सौंपा है। शिक्षकों ने सेवा अवधि घटाने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें शासन के समक्ष रखीं। उनका कहना है कि वर्तमान नियमों के कारण हजारों शिक्षक पदोन्नति और पेंशन लाभ से वंचित रह जा रहे हैं।
शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षक अब भी उच्च पदों पर पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। नियमों में जटिलता और लंबी सेवा अवधि की बाध्यता के चलते बड़ी संख्या में शिक्षक समय पर प्रमोशन का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
सेवा अवधि घटाने की प्रमुख मांग
शिक्षकों ने ज्ञापन में स्पष्ट रूप से सेवा अवधि में कमी की मांग की है, ताकि योग्य और अनुभवी शिक्षकों को समय पर पदोन्नति का अवसर मिल सके। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में कई शिक्षक सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच जाते हैं, लेकिन उन्हें पदोन्नति नहीं मिल पाती।
पेंशन नियमों में संशोधन की मांग
शिक्षकों ने पेंशन नियमों में भी बदलाव की जरूरत बताई है। उनका कहना है कि नई पेंशन प्रणाली के तहत मिलने वाले लाभ पर्याप्त नहीं हैं और पुरानी पेंशन व्यवस्था जैसी सामाजिक सुरक्षा की आवश्यकता है।
शिक्षकों का तर्क है कि शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए पेंशन नियमों में सुधार जरूरी है।
टीईटी नियमों में बदलाव पर जोर
शिक्षक संगठनों ने टीईटी से जुड़े नियमों में भी व्यावहारिक संशोधन की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार नियमों में बदलाव और जटिल शर्तों के कारण योग्य अभ्यर्थियों को परेशानी हो रही है।
शिक्षकों का कहना है कि टीईटी नियमों को सरल, पारदर्शी और स्थायी बनाया जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके और स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो।
शासन से जल्द निर्णय की मांग
शिक्षक प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से अपील की है कि शिक्षकों से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो प्रदेशभर में आंदोलन की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा।
शिक्षकों को उम्मीद है कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षकों की समस्याओं को प्राथमिकता देगी।

