रायपुर के सरकारी अस्पताल में हर माह 4 हजार मरीजों को पर्सनलाइज्ड कैंसर इलाज, आधुनिक तकनीक, आयुष्मान योजना का लाभ और समान सुविधाएं मिल रही हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शासकीय अस्पताल में अब कैंसर मरीजों के लिए आधुनिक और पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। हर महीने करीब 4 हजार मरीज इलाज के लिए यहां पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि इलाज की सुविधा में किसी तरह का भेदभाव नहीं है और गरीब से लेकर अमीर तक सभी मरीजों को एक जैसी चिकित्सकीय सेवाएं मिल रही हैं।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीजों को उनकी बीमारी, उम्र, शारीरिक स्थिति और कैंसर की स्टेज के आधार पर अलग-अलग उपचार योजना तैयार कर दी जा रही है। इसे ही पर्सनलाइज्ड कैंसर ट्रीटमेंट कहा जा रहा है, जिससे इलाज की सफलता दर बढ़ रही है और मरीजों को अनावश्यक दवाओं व साइड इफेक्ट से भी राहत मिल रही है।
सरकारी अस्पताल में आधुनिक तकनीक से इलाज
रायपुर स्थित इस सरकारी कैंसर उपचार केंद्र में आधुनिक जांच सुविधाएं, बायोप्सी, सीटी-स्कैन, एमआरआई, डिजिटल पैथोलॉजी और उन्नत लैब सुविधाएं उपलब्ध हैं। डॉक्टरों की मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम हर मरीज की रिपोर्ट का अध्ययन कर व्यक्तिगत इलाज योजना तैयार कर रही है।
कीमोथेरेपी से लेकर रेडियोथेरेपी तक सुविधा
अस्पताल में कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, सर्जरी और फॉलो-अप ट्रीटमेंट की व्यवस्था एक ही परिसर में की गई है। इससे मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ती। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए भी यह सुविधा बड़ी राहत साबित हो रही है।
आयुष्मान और सरकारी योजनाओं का लाभ
कई मरीज आयुष्मान भारत योजना और राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के तहत निशुल्क या रियायती इलाज का लाभ ले रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार बड़ी संख्या में ऐसे मरीज हैं जो निजी अस्पतालों में इलाज कराने में असमर्थ थे, लेकिन अब सरकारी अस्पताल में उन्हें उच्च गुणवत्ता का इलाज मिल रहा है।
हर मरीज के लिए अलग इलाज रणनीति
डॉक्टरों का कहना है कि अब कैंसर का इलाज केवल एक जैसी दवा या एक ही पद्धति से नहीं किया जाता। मरीज के कैंसर के प्रकार, उसकी जेनेटिक प्रोफाइल और रिस्पॉन्स के आधार पर इलाज तय किया जाता है। इससे उपचार अधिक प्रभावी और सुरक्षित हो रहा है।
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से बढ़ रही पहुंच
रायपुर के इस सरकारी अस्पताल में छत्तीसगढ़ के दूरस्थ ग्रामीण और आदिवासी इलाकों से भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों के लिए परामर्श काउंटर, पंजीयन सुविधा और सहायता डेस्क की व्यवस्था की गई है, ताकि इलाज की प्रक्रिया सरल हो सके।
डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम दे रही सेवाएं
कैंसर विशेषज्ञ, सर्जन, रेडियोथेरेपिस्ट, पैथोलॉजिस्ट और नर्सिंग स्टाफ की विशेष टीम लगातार सेवाएं दे रही है। मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि इलाज के दौरान उन्हें भावनात्मक सहयोग मिल सके।
मरीजों और परिजनों में बढ़ा भरोसा
इलाज की गुणवत्ता और समान सुविधाओं के चलते सरकारी अस्पतालों पर मरीजों और उनके परिजनों का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में और नई तकनीकें तथा आधुनिक उपकरण जोड़े जाएंगे, ताकि राज्य में कैंसर उपचार को और बेहतर बनाया जा सके।

