रायपुर में पहली बार भारत रंग महोत्सव 2026 का आयोजन, देशभर की प्रतिष्ठित नाट्य प्रस्तुतियाँ, रंगचर्चाएँ और निःशुल्क प्रवेश के साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति को मिलेगा राष्ट्रीय मंच।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहली बार देश के सबसे प्रतिष्ठित रंगमंच उत्सव भारत रंग महोत्सव (BRM) की मेजबानी करने जा रही है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित यह भव्य महोत्सव 3 फरवरी से 8 फरवरी 2026 तक पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में आयोजित होगा।
यह आयोजन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के 25वें भारत रंग महोत्सव तथा छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष के विशेष अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जिससे इसका सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व और भी बढ़ गया है।
भारत रंग महोत्सव भारतीय रंगमंच की समृद्ध परंपरा, सामाजिक चेतना, लोकसंस्कृति और रचनात्मक प्रयोगों का सबसे बड़ा मंच माना जाता है। पहली बार रायपुर में इसका आयोजन होना छत्तीसगढ़ के रंगकर्मियों और रंगप्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
महोत्सव का संयोजन प्रसिद्ध लोकगायिका एवं रंगकर्मी गरिमा दिवाकर द्वारा किया जा रहा है, जबकि तकनीकी संयोजन की जिम्मेदारी हीरा मानिकपुरी निभा रहे हैं।
देशभर की प्रतिष्ठित नाट्य प्रस्तुतियाँ होंगी मंचित
छह दिवसीय इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित उत्कृष्ट नाट्य प्रस्तुतियाँ दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत की जाएँगी।
3 फरवरी 2026
पारो
लेखक – विवेक कुमार (बाबा नागार्जुन के उपन्यास पर आधारित)
निर्देशक – शारदा सिंह
संस्था – प्रस्तुति, पटना (बिहार)
4 फरवरी 2026
शास्ति
लेखक – बीरू मुखोपाध्याय
निर्देशक – विधान चंद्र हालदार
संस्था – गोबरडांगा रंगभूमि, पश्चिम बंगाल
5 फरवरी 2026
फिर आषाढ़ का एक दिन
लेखक – मोहन राकेश
निर्देशक – तनुज
संस्था – द राइजिंग सोसाइटी ऑफ आर्ट एंड कल्चर, भोपाल
6 फरवरी 2026
सीढ़ी दर सीढ़ी उर्फ तुक्के पे तुक्का
लेखक – राजेश जोशी
निर्देशक – बंसी कौल
संस्था – रंग विदूषक, भोपाल
7 फरवरी 2026
को जानी कहाँ?
लेखक – दुर्गेश सोनी
निर्देशक – अन्नपूर्णा सोनी
संस्था – दर्पण रंग समिति, कटनी
8 फरवरी 2026 (समापन प्रस्तुति)
बिरसा – भगवान बिरसा मुंडा की स्मृति में
निर्देशक – गरिमा दिवाकर
संस्था – अंजोर लोक कला मंच, रायपुर
3 फरवरी को होगा भव्य उद्घाटन
भारत रंग महोत्सव का उद्घाटन समारोह 3 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली के पूर्व निदेशक श्री देवेन्द्र राज अंकुर शामिल होंगे।
नाट्य प्रस्तुतियों के साथ संवाद और परिचर्चाएँ
महोत्सव के दौरान केवल नाट्य मंचन ही नहीं, बल्कि रंगमंच से जुड़े विविध रचनात्मक सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें परिचर्चाएँ, गोष्ठियाँ एवं संवाद सत्र शामिल होंगे।
इन सत्रों में राजकमल नायक, संजय उपाध्याय, जयंत देशमुख, अशोक मिश्रा और योगेन्द्र चौबे जैसे वरिष्ठ रंगकर्मी एवं रंगचिंतक सहभागिता करेंगे।
छत्तीसगढ़ की रंग-संस्कृति को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
भारत रंग महोत्सव रायपुर के लिए केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक और रंग परंपरा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का सशक्त अवसर भी है। इस आयोजन से प्रदेश के युवा कलाकारों को देशभर के वरिष्ठ रंगकर्मियों से सीखने और संवाद करने का मंच मिलेगा।
प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रस्तुतियाँ और गतिविधियाँ आम जनता के लिए पूरी तरह निःशुल्क रहेंगी। रंगमंच और कला से जुड़ाव रखने वाले सभी नागरिकों से बड़ी संख्या में सहभागिता की अपील की गई है।

