राजिम कुंभ कल्प 2026 के दौरान गरियाबंद में 1 से 15 फरवरी तक मेला क्षेत्र में मांस-मटन की खरीदी-बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
गरियाबंद। राजिम कुंभ (कल्प) मेला 2026 के शांतिपूर्ण, धार्मिक और गरिमामय आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने अहम आदेश जारी किया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी गरियाबंद द्वारा जारी आदेश के अनुसार 01 फरवरी 2026 (माघ पूर्णिमा) से 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) तक राजिम कुंभ मेला क्षेत्र में मांस-मटन की खरीदी एवं बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।
कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश क्रमांक 332/राजिम कुंभ (कल्प) मेला/आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर द्वारा पूर्व में जारी निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है।
आदेश के अनुसार मेला अवधि के दौरान राजिम कुंभ क्षेत्र में संचालित होने वाली सभी प्रकार की मांस विक्रय की दुकानें बंद रहेंगी। इस अवधि में किसी भी प्रकार से मांस, मटन अथवा मांसाहार सामग्री का क्रय-विक्रय प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन ने कहा है कि राजिम कुंभ मेला राज्य का एक प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन है, जिसमें प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु एवं साधु-संत पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखने, सामाजिक सौहार्द कायम रखने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभावशील रहेगा और पूरे मेला काल में सख्ती से लागू किया जाएगा।
आदेश के पालन के लिए पुलिस अधीक्षक गरियाबंद, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अनुविभागीय दण्डाधिकारी राजिम, तहसीलदार राजिम एवं फिंगेश्वर तथा नगर पंचायत राजिम और फिंगेश्वर के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन द्वारा मेला क्षेत्र में नियमित निरीक्षण, निगरानी और जांच की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि किसी प्रकार के उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
जिला प्रशासन ने संबंधित व्यापारियों, दुकानदारों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे जारी आदेश का पूर्ण रूप से पालन करें और राजिम कुंभ कल्प 2026 के सफल, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित आयोजन में सहयोग करें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

