रायपुर की 18 लाख आबादी को परेशानी: 7 साल में साफ पानी पर 600 करोड़ खर्च, फिर भी 54 वार्डों में नलों से आ रहा गंदा पानी

- Advertisement -
vastuguruji
Facebook
Twitter
LinkedIn
Pinterest
WhatsApp

रायपुर में 600 करोड़ खर्च के बावजूद 54 वार्डों में गंदा पानी, 18 लाख लोग प्रभावित, नगर निगम की पेयजल व्यवस्था पर सवाल।

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्वच्छ पेयजल व्यवस्था को लेकर बड़ा विरोधाभास सामने आया है। शहर की करीब 18 लाख आबादी को पिछले कई महीनों से गंदे और दूषित पानी की समस्या झेलनी पड़ रही है। हैरानी की बात यह है कि पिछले 7 वर्षों में नगर निगम और राज्य सरकार द्वारा लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च किए गए, इसके बावजूद 54 वार्डों में नलों से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है।

नागरिकों का कहना है कि घरों में आने वाला पानी न तो पीने लायक है और न ही रोजमर्रा के उपयोग के लिए सुरक्षित।

पीले और मटमैले पानी से परेशान लोग

शहर के अलग-अलग इलाकों से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं कि नलों से आने वाला पानी:

  • पीले रंग का है
  • बदबूदार है
  • कई जगहों पर गाद और कचरे के कण दिखाई देते हैं

लोग मजबूरी में पानी उबालकर या फिल्टर लगाकर उपयोग कर रहे हैं।

54 वार्डों में बनी गंभीर स्थिति

नगर निगम क्षेत्र के 70 में से 54 वार्डों में जल गुणवत्ता को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। कई इलाकों में यह समस्या सप्ताहों से बनी हुई है।

स्थानीय पार्षदों ने भी नगर निगम की बैठकों में इस मुद्दे को उठाया है।

600 करोड़ खर्च, फिर भी अधूरी व्यवस्था

जानकारी के अनुसार पिछले सात वर्षों में:

  • नई पाइपलाइन बिछाने
  • जल शोधन संयंत्रों के विस्तार
  • पंपिंग सिस्टम के आधुनिकीकरण

पर भारी राशि खर्च की गई, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पाया।

सीवेज मिलावट की आशंका

तकनीकी जानकारों का कहना है कि कई इलाकों में:

  • पानी की पाइपलाइन और सीवर लाइन पास-पास होने
  • पुरानी और जर्जर पाइपलाइन
  • बार-बार लीकेज

के कारण गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा है।

स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा

डॉक्टरों के अनुसार दूषित पानी से:

  • डायरिया
  • पीलिया
  • टायफाइड
  • त्वचा और पेट की बीमारियां

फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

नगर निगम पर उठे गंभीर सवाल

शहरवासियों का कहना है कि जब करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, तो फिर उन्हें साफ पानी क्यों नहीं मिल पा रहा। नागरिक संगठनों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

टैंकरों से चल रहा काम

कई प्रभावित इलाकों में नगर निगम फिलहाल टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचा रहा है, लेकिन यह व्यवस्था स्थायी समाधान नहीं मानी जा रही।

नगर निगम का पक्ष

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर संबंधित क्षेत्र में:

  • पाइपलाइन की सफाई
  • लीकेज की मरम्मत
  • पानी की गुणवत्ता जांच

का काम किया जा रहा है और जल्द हालात सामान्य होंगे।

नागरिकों ने मांगी ठोस कार्रवाई

लोगों की मांग है कि:

  • पूरे जल नेटवर्क का ऑडिट हो
  • खराब पाइपलाइन बदली जाए
  • जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो

ताकि राजधानी की जनता को शुद्ध पेयजल मिल सके।

Facebook
Twitter
LinkedIn
Pinterest
WhatsApp
Leave a Comment
- Advertisement -
Vastugurujivastuguruji

Recent News

Vastu Products

VastuGuruji Products
INDRA DEV 9″
INDRA DEV 9″
🛒 Read More Details
Power of Infinity
Power of Infinity
🛒 Read More Details
Vastu Chakra
Vastu Chakra 
🛒 Read More Details

शादियों का सीजन शुरू, सिलेंडर के लिए फूड विभाग को दूसरा निमंत्रण

रायपुर में शादी सीजन शुरू होते ही लोग भगवान के बाद खाद्य…

महतारी वंदन योजना में अव्यवस्था, धूप में परेशान महिलाएं

रायपुर में महतारी वंदन योजना के दौरान अव्यवस्था, राशन स्टॉक की कमी…

एलपीजी की जमाखोरी रोकने 419 छापेमारी, बुकिंग में आई भारी गिरावट

रायपुर में एलपीजी जमाखोरी रोकने 419 छापेमारी, अफवाह से मार्च में बुकिंग…