एआईसीसी ने संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त पदाधिकारियों को अनिवार्य प्रशिक्षण देने के निर्देश जारी किए, संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर।
रायपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है। एआईसीसी ने निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त किए गए सभी पदाधिकारियों को अनिवार्य प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) दी जाएगी। इसका उद्देश्य संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं की कार्यक्षमता बढ़ाना और आगामी चुनावों के लिए पार्टी को तैयार करना है।
संगठन सृजन को मिलेगा व्यावहारिक आधार
कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे संगठन सृजन अभियान के अंतर्गत—
- बूथ
- मंडल
- सेक्टर
- ब्लॉक
- जिला स्तर
पर बड़ी संख्या में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। अब एआईसीसी चाहती है कि इन पदाधिकारियों को केवल पद न देकर संगठन संचालन, जनसंपर्क और चुनावी रणनीति की समुचित ट्रेनिंग भी दी जाए।
ट्रेनिंग में क्या सिखाया जाएगा?
सूत्रों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में—
- पार्टी की विचारधारा और इतिहास
- संगठनात्मक जिम्मेदारियां
- बूथ मैनेजमेंट
- मतदाता सूची प्रबंधन
- सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग
- जनसमस्याओं के समाधान की रणनीति
- चुनावी समन्वय और रिपोर्टिंग सिस्टम
जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
चरणबद्ध होगी ट्रेनिंग प्रक्रिया
एआईसीसी के निर्देशानुसार—
- ट्रेनिंग राज्य स्तर और जिला स्तर पर आयोजित होगी
- वरिष्ठ नेताओं और संगठनात्मक प्रशिक्षकों द्वारा सत्र लिए जाएंगे
- ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों का उपयोग किया जाएगा
- प्रशिक्षण के बाद पदाधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन भी किया जाएगा
छत्तीसगढ़ में जल्द होगा क्रियान्वयन
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) को निर्देश मिलते ही—
- जिला कांग्रेस कमेटियों से समन्वय शुरू
- ट्रेनिंग शेड्यूल तैयार किया जा रहा है
- रायपुर समेत प्रमुख जिलों में पहले चरण की ट्रेनिंग संभव
प्रदेश कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि इससे कार्यकर्ताओं में अनुशासन, स्पष्टता और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
नेतृत्व क्षमता बढ़ाने पर जोर
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि—
- केवल नियुक्ति से संगठन मजबूत नहीं होता
- प्रशिक्षित और जिम्मेदार पदाधिकारी ही पार्टी की रीढ़ होते हैं
- ट्रेनिंग से नेतृत्व क्षमता विकसित होगी
एआईसीसी का यह कदम संगठन को लंबी अवधि में मजबूत और प्रभावी बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आगामी चुनावों की तैयारी
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि—
- यह फैसला आने वाले निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर लिया गया है
- बूथ स्तर पर मजबूत संगठन चुनावी जीत की कुंजी
- ट्रेनिंग से ग्राउंड लेवल पर पार्टी की पकड़ मजबूत होगी
कार्यकर्ताओं में उत्साह
नव नियुक्त पदाधिकारियों में—
- एआईसीसी के फैसले को लेकर उत्साह
- संगठन में सीखने और आगे बढ़ने का अवसर
- पार्टी से जुड़ाव और जिम्मेदारी की भावना
देखी जा रही है।

