तंजानिया में सोने की खदान में साझेदारी का झांसा देकर रायपुर के कारोबारी से 1.90 करोड़ की ठगी, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
रायपुर। विदेश में सोने की खदान में साझेदारी और मोटे मुनाफे का झांसा देकर रायपुर के एक कारोबारी से करीब 1 करोड़ 90 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माइनिंग बिजनेस से जुड़ा बताकर कारोबारी को भरोसे में लिया और चरणबद्ध तरीके से बड़ी रकम हड़प ली। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तंजानिया की सोने की खदान में निवेश का झांसा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर निवासी कारोबारी से कुछ माह पहले कुछ लोगों ने संपर्क किया था। आरोपियों ने बताया कि वे तंजानिया में संचालित एक सोने की खदान में साझेदारी दे रहे हैं और इसमें निवेश करने पर भारी मुनाफा मिलेगा।
उन्होंने कारोबारी को—
- खदान के फर्जी दस्तावेज
- माइनिंग लाइसेंस की कॉपी
- विदेशी कंपनियों के नाम पर बने ई-मेल और वेबसाइट
- कथित विदेशी पार्टनरों से वीडियो कॉल
दिखाकर भरोसा दिलाया कि यह एक सुरक्षित और लाभदायक निवेश है।
धीरे-धीरे ट्रांसफर कराए 1.90 करोड़ रुपए
आरोपियों ने पहले छोटे निवेश की मांग की और फिर विभिन्न बहानों से लगातार रकम मंगवाते रहे।
कारोबारी से कहा गया कि—
- खदान की हिस्सेदारी के लिए एडवांस देना होगा
- मशीनरी खरीदने के लिए फंड चाहिए
- सरकारी अनुमति और टैक्स के नाम पर अतिरिक्त राशि जमा करनी होगी
इसी तरह कई चरणों में कारोबारी से कुल 1.90 करोड़ रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।
मुनाफा नहीं मिला, संपर्क टूटते ही खुला राज
जब कई महीनों तक न तो कोई मुनाफा मिला और न ही निवेश से जुड़ा कोई ठोस प्रमाण सामने आया, तब कारोबारी को संदेह हुआ।
इसके बाद—
- आरोपियों के फोन बंद हो गए
- ई-मेल का जवाब आना बंद हो गया
- बताए गए पते और कंपनियां फर्जी निकलीं
तब पीड़ित कारोबारी ने रायपुर के संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला
पुलिस ने इस मामले में—
- भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में
- अज्ञात आरोपियों के खिलाफ
- अपराध पंजीबद्ध कर लिया है
पुलिस अब—
- जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर हुए, उनकी जांच कर रही है
- मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और डिजिटल ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड खंगाल रही है
- यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ठगी के पीछे अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय गिरोह तो नहीं है।
साइबर ठगी का नया तरीका
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट फ्रॉड का उदाहरण है, जिसमें—
- विदेशी प्रोजेक्ट
- माइनिंग, रियल एस्टेट या क्रिप्टो बिजनेस
- भारी मुनाफे का लालच
दिखाकर लोगों को निशाना बनाया जाता है।
पुलिस ने आम नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि—
- किसी भी विदेशी निवेश से पहले पूरी जांच करें
- अंजान लोगों के झांसे में न आएं
- बिना सत्यापन के बड़ी रकम ट्रांसफर न करें।
निष्कर्ष
तंजानिया में सोने की खदान में साझेदारी का यह मामला यह दर्शाता है कि ठग अब अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट और डिजिटल माध्यम के जरिए लोगों को फंसाने लगे हैं। समय रहते शिकायत दर्ज होने से उम्मीद है कि पुलिस इस गिरोह तक जल्द पहुंचेगी और पीड़ित को न्याय मिल सकेगा।

