रायपुर में अंग प्रत्यारोपण की रफ्तार धीमी, अब भी 193 मरीज वेटिंग में

- Advertisement -
vastuguruji
Facebook
Twitter
LinkedIn
Pinterest
WhatsApp

रायपुर में तीन साल में 24 किडनी और 12 लीवर ट्रांसप्लांट, लेकिन अब भी 193 मरीज अंग प्रत्यारोपण की वेटिंग में।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अंगदान और अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को लेकर एक अहम स्थिति सामने आई है। तीन साल पहले अंग प्रत्यारोपण की विधिवत मंजूरी मिलने के बाद अब तक केवल 24 मरीजों को किडनी और 12 मरीजों को लीवर प्रत्यारोपण का लाभ मिल पाया है, जबकि अब भी 193 मरीज अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा सूची में शामिल हैं

यह आंकड़ा प्रदेश में अंगदान जागरूकता और डोनर उपलब्धता की गंभीर कमी को दर्शाता है।


तीन साल में सीमित प्रत्यारोपण

राज्य में अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम को औपचारिक रूप से शुरू हुए लगभग तीन वर्ष हो चुके हैं। इस अवधि में—

  • किडनी ट्रांसप्लांट : 24 मरीज
  • लीवर ट्रांसप्लांट : 12 मरीज

को सफल प्रत्यारोपण किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह संख्या जरूरत की तुलना में बेहद कम है।


वेटिंग लिस्ट में 193 मरीज

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में—

  • किडनी प्रत्यारोपण के लिए सबसे अधिक मरीज प्रतीक्षा में हैं
  • लीवर, हार्ट और कॉर्निया के मरीज भी सूची में शामिल हैं
  • कई मरीज वर्षों से डोनर मिलने की उम्मीद में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं

वेटिंग लिस्ट में शामिल 193 मरीजों के लिए समय पर अंग मिलना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।


अंगदान की कमी बनी सबसे बड़ी बाधा

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रत्यारोपण की धीमी गति का सबसे बड़ा कारण कैडैवर डोनर (मृत व्यक्ति से अंगदान) की कमी है।

प्रदेश में—

  • ब्रेन डेड मरीजों से अंगदान की संख्या बहुत कम है
  • परिवारों में भावनात्मक और सामाजिक संकोच के कारण सहमति नहीं मिल पाती
  • अंगदान को लेकर जागरूकता का अभाव बना हुआ है

इसके चलते उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर होने के बावजूद प्रत्यारोपण सीमित रह गया है।


निजी और सरकारी अस्पतालों की भूमिका

रायपुर के कुछ चुनिंदा सरकारी और निजी अस्पतालों में ही अंग प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध है।

हालांकि—

  • सर्जिकल टीम प्रशिक्षित है
  • आधुनिक ऑपरेशन थिएटर उपलब्ध हैं
  • पोस्ट-ट्रांसप्लांट केयर की व्यवस्था भी मौजूद है

लेकिन डोनर न मिलने के कारण संसाधनों का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा।


मरीजों की बढ़ती पीड़ा

वेटिंग में शामिल मरीजों के परिजनों का कहना है कि—

  • हर दिन डायलिसिस या दवाओं पर निर्भर रहना पड़ता है
  • आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है
  • मानसिक तनाव परिवार को तोड़ रहा है

कई मरीज ऐसे हैं जिनकी हालत अंग न मिलने के कारण लगातार बिगड़ती जा रही है।


स्वास्थ्य विभाग की पहल

स्वास्थ्य विभाग ने अंगदान को बढ़ावा देने के लिए—

  • अस्पतालों में ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं
  • ब्रेन डेथ मामलों की निगरानी शुरू की है
  • अंगदान जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है

अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में अंगदान के मामलों में बढ़ोतरी का लक्ष्य तय किया गया है


विशेषज्ञों की अपील

चिकित्सकों और ट्रांसप्लांट विशेषज्ञों ने आम नागरिकों से अपील की है कि—

  • अंगदान को जीवनदान के रूप में देखें
  • ब्रेन डेथ के मामलों में परिवार अंगदान पर सकारात्मक निर्णय लें
  • अंगदान कार्ड बनवाएं और इसकी जानकारी परिवार को दें

उनका कहना है कि एक दाता 8 से अधिक लोगों की जान बचा सकता है


निष्कर्ष

तीन साल में सीमित प्रत्यारोपण और 193 मरीजों की लंबी वेटिंग लिस्ट यह स्पष्ट करती है कि—

  • इंफ्रास्ट्रक्चर से ज्यादा जरूरी जागरूकता है
  • अंगदान को सामाजिक आंदोलन बनाने की जरूरत है
  • समय रहते डोनर न मिले तो कई जिंदगियां खतरे में पड़ सकती हैं

रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में अंगदान को लेकर नई रणनीति और जनभागीदारी अब समय की सबसे बड़ी मांग बन चुकी है।

Facebook
Twitter
LinkedIn
Pinterest
WhatsApp
Leave a Comment
- Advertisement -
Vastugurujivastuguruji

Recent News

Vastu Products

VastuGuruji Products
INDRA DEV 9″
INDRA DEV 9″
🛒 Read More Details
Power of Infinity
Power of Infinity
🛒 Read More Details
Vastu Chakra
Vastu Chakra 
🛒 Read More Details

शादियों का सीजन शुरू, सिलेंडर के लिए फूड विभाग को दूसरा निमंत्रण

रायपुर में शादी सीजन शुरू होते ही लोग भगवान के बाद खाद्य…

महतारी वंदन योजना में अव्यवस्था, धूप में परेशान महिलाएं

रायपुर में महतारी वंदन योजना के दौरान अव्यवस्था, राशन स्टॉक की कमी…

एलपीजी की जमाखोरी रोकने 419 छापेमारी, बुकिंग में आई भारी गिरावट

रायपुर में एलपीजी जमाखोरी रोकने 419 छापेमारी, अफवाह से मार्च में बुकिंग…