राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों की गाइडलाइन दरों में बड़ा संशोधन होगा, शहरों में आंशिक बदलाव के संकेत, फरवरी में नई दरें जारी होने की संभावना।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन और मकानों की खरीदी-बिक्री करने वालों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार जल्द ही गाइडलाइन दरों में संशोधन करने जा रही है। संकेत मिल रहे हैं कि इस बार ग्रामीण क्षेत्रों की गाइडलाइन दरों में व्यापक बदलाव किया जाएगा, जबकि शहरी क्षेत्रों में केवल आंशिक संशोधन की तैयारी है।
सूत्रों के अनुसार राजस्व विभाग ने जिलेवार प्रस्ताव तैयार कर लिया है और फरवरी माह में नई गाइडलाइन दरें जारी की जा सकती हैं। इससे रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी और प्रॉपर्टी टैक्स की गणना में सीधा असर पड़ेगा।
क्यों जरूरी हो गया संशोधन?
राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि—
- कई ग्रामीण इलाकों में मौजूदा गाइडलाइन दरें
बाजार मूल्य से काफी कम हैं। - वहीं कुछ शहरों में दरें पहले से ही अधिक हैं।
- पिछले 2–3 वर्षों में रियल एस्टेट बाजार में बड़ा बदलाव आया है।
इसी कारण सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में दरें बढ़ाने और शहरों में केवल चयनित इलाकों में संशोधन का फैसला लिया है।
ग्रामीण इलाकों में ज्यादा बदलाव की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक—
- गांवों के पास विकसित हो रहे क्षेत्रों
- नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे से लगे गांव
- औद्योगिक गलियारों के आसपास की जमीन
की गाइडलाइन दरों में 10 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव है।
इन इलाकों में बाजार भाव तेजी से बढ़ चुका है, लेकिन रजिस्ट्री अभी भी पुराने कम रेट पर हो रही है, जिससे सरकार को स्टांप ड्यूटी का नुकसान हो रहा था।
शहरों में क्यों सीमित बदलाव?
शहरी क्षेत्रों में—
- पहले ही कई बार दरों में बढ़ोतरी हो चुकी है
- रियल एस्टेट बाजार फिलहाल स्थिर है
- ज्यादा बढ़ोतरी से रजिस्ट्री प्रभावित होने की आशंका है
इसी कारण सरकार शहरों में केवल चुनिंदा कॉलोनियों, मुख्य सड़कों और कमर्शियल इलाकों में ही आंशिक संशोधन करने जा रही है।
राजधानी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और भिलाई जैसे शहरों में
- पॉश कॉलोनियों
- नई विकसित टाउनशिप
- व्यावसायिक क्षेत्रों
में हल्की बढ़ोतरी के संकेत हैं।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
गाइडलाइन दरों में बदलाव से—
- जमीन और मकान की रजिस्ट्री महंगी हो सकती है
- स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ेगा
- प्रॉपर्टी टैक्स का आधार भी बदलेगा
हालांकि रियल एस्टेट से जुड़े जानकारों का मानना है कि—
- ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शिता बढ़ेगी
- फर्जी कम कीमत पर रजिस्ट्री पर रोक लगेगी
- सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी
कब जारी होंगी नई दरें?
राजस्व विभाग के अनुसार—
- जनवरी के अंत तक सभी जिलों से प्रस्ताव जुटाए जा रहे हैं
- फरवरी के पहले या दूसरे सप्ताह में
नई गाइडलाइन दरों की अधिसूचना जारी हो सकती है - लागू होते ही सभी रजिस्ट्रियों में नई दरें प्रभावी होंगी
रियल एस्टेट सेक्टर की प्रतिक्रिया
बिल्डरों और प्रॉपर्टी डीलरों का कहना है कि—
- ग्रामीण क्षेत्रों में संशोधन सही कदम है
- लेकिन शहरों में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी से
खरीदारों की संख्या घट सकती है
उन्होंने मांग की है कि दरें तय करते समय
बाजार स्थिति और मध्यम वर्ग की क्षमता को ध्यान में रखा जाए।
निष्कर्ष
गाइडलाइन दरों का यह संशोधन—
- ग्रामीण अंचलों में जमीन की असली कीमत तय करेगा
- सरकार के राजस्व को मजबूत करेगा
- और रियल एस्टेट बाजार में संतुलन बनाएगा।
अब सबकी नजर फरवरी में आने वाली नई दरों पर टिकी है।

