रायपुर में सफाई व्यवस्था ठप होने पर नगर निगम ने रामकी एजेंसी पर सख्त कार्रवाई करते हुए 18 लाख की कटौती और 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
रायपुर। राजधानी रायपुर में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के मामले को नगर निगम ने गंभीरता से लिया है। एक दिन की हड़ताल के कारण शहर की स्वच्छता व्यवस्था ठप होने पर नगर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का कार्य संभालने वाली एजेंसी रामकी एनवायरोटेक प्राइवेट लिमिटेड पर सख्त कार्रवाई की है। निगम ने रामकी पर 18 लाख रुपये की भुगतान कटौती करने के साथ ही 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुबंध की शर्तों के अनुसार यदि एजेंसी द्वारा काम में व्यवधान उत्पन्न होता है, तो उस पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
हड़ताल से बिगड़ी शहर की सफाई
जानकारी के अनुसार, सफाई कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल के चलते रायपुर के कई इलाकों में कचरा उठाव प्रभावित हुआ। मुख्य सड़कों से लेकर रिहायशी इलाकों तक कचरे के ढेर नजर आए, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की।
नगर निगम को शिकायतें मिलने के बाद उच्च अधिकारियों ने तत्काल स्थिति का जायजा लिया और जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया।
अनुबंध शर्तों का उल्लंघन माना निगम ने
नगर निगम का कहना है कि रामकी एजेंसी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि किसी भी परिस्थिति में शहर की सफाई व्यवस्था बाधित न हो। चाहे कर्मचारियों की हड़ताल हो या अन्य कोई समस्या, वैकल्पिक व्यवस्था करना एजेंसी की जिम्मेदारी थी।
निगम अधिकारियों के अनुसार,
- एक दिन की हड़ताल को अनुबंध उल्लंघन माना गया
- 18 लाख रुपये की भुगतान कटौती कार्य निष्पादन में कमी के आधार पर की गई
- 5 लाख रुपये का जुर्माना अनुशासनहीनता और व्यवस्था ठप करने के कारण लगाया गया
निगम का सख्त संदेश
नगर निगम ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि सफाई व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में यदि ऐसी लापरवाही दोहराई जाती है तो और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अनुबंध निरस्त करने तक का प्रावधान शामिल है।
निगम आयुक्त स्तर पर एजेंसी को लिखित चेतावनी भी जारी की गई है और निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों की समस्याओं का समय रहते समाधान करें, ताकि शहर की स्वच्छता प्रभावित न हो।
नागरिकों की प्रतिक्रिया
निगम की कार्रवाई पर शहरवासियों ने संतोष जताया है। लोगों का कहना है कि स्वच्छता शहर की बुनियादी जरूरत है और इसके लिए जिम्मेदार एजेंसियों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। कई नागरिक संगठनों ने निगम से नियमित निगरानी और कड़ी व्यवस्था लागू करने की मांग भी की है।
भविष्य की रणनीति
नगर निगम ने सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए—
- वैकल्पिक मानव संसाधन व्यवस्था
- रियल टाइम मॉनिटरिंग
- वार्ड स्तर पर निरीक्षण
- ठेकेदारों के प्रदर्शन की मासिक समीक्षा
जैसे कदम उठाने का निर्णय लिया है।
निष्कर्ष
रामकी एजेंसी पर की गई यह कार्रवाई न सिर्फ एक दंडात्मक कदम है, बल्कि अन्य ठेकेदारों के लिए भी चेतावनी है कि नगर निगम अनुबंध की शर्तों और शहर की स्वच्छता को लेकर कोई ढील नहीं देगा।

