कवर्धा में स्कूली बच्चों ने आनंद मेले की कमाई से मानवता की सेवा का संकल्प लिया, सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का दिया संदेश।
कवर्धा। जहां एक ओर आज की पीढ़ी को मोबाइल और सोशल मीडिया से जोड़कर देखा जाता है, वहीं कवर्धा के स्कूली बच्चों ने मानवता और सेवा का ऐसा उदाहरण पेश किया है, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। शहर के एक निजी विद्यालय में आयोजित आनंद मेला न केवल मनोरंजन का माध्यम रहा, बल्कि सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी लेकर आया।
आनंद मेले में बच्चों ने स्वयं स्टॉल लगाए, हस्तनिर्मित वस्तुएं, खानपान सामग्री और खेलों का आयोजन किया। मेले से होने वाली पूरी आय को मानव सेवा कार्यों में लगाने का संकल्प बच्चों ने लिया है। इस पहल ने यह साबित कर दिया कि बचपन में ही यदि सेवा का भाव जाग जाए, तो समाज का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है।
आनंद मेला बना सेवा का मंच
विद्यालय परिसर में आयोजित इस मेले में—
- बच्चों ने स्वयं बनाई वस्तुएं बेचीं
- खाने-पीने के स्टॉल लगाए
- खेल और मनोरंजन गतिविधियां आयोजित कीं
- पर्यावरण और स्वच्छता पर संदेश दिए
मेले से मिली राशि को जरूरतमंदों की सहायता, गरीब बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में खर्च करने का निर्णय लिया गया है।
बच्चों ने लिया मानवता की सेवा का संकल्प
आनंद मेले के समापन पर सभी विद्यार्थियों ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि—
- जरूरतमंदों की मदद करेंगे
- समाज के कमजोर वर्ग के लिए आगे आएंगे
- दया, करुणा और सहयोग को जीवन का हिस्सा बनाएंगे
बच्चों का यह संकल्प सुनकर अभिभावक और शिक्षक भावुक नजर आए।
शिक्षकों और प्रबंधन की सराहना
विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने कहा कि—
“इस तरह के आयोजन बच्चों में नेतृत्व, टीमवर्क और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। आनंद मेला सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि मूल्य आधारित शिक्षा का हिस्सा है।”
शिक्षकों ने बताया कि बच्चों को शुरू से ही यह सिखाया गया कि कमाई केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी होती है।
अभिभावकों ने की पहल की प्रशंसा
मेले में पहुंचे अभिभावकों ने बच्चों की इस सोच की जमकर सराहना की। उनका कहना था कि—
“आज के समय में जब स्वार्थ बढ़ रहा है, ऐसे में बच्चों द्वारा मानव सेवा का संकल्प लेना गर्व की बात है।”
अभिभावकों ने विद्यालय को ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से करने की सलाह दी।
समाज को मिला सकारात्मक संदेश
आनंद मेले के माध्यम से बच्चों ने यह संदेश दिया कि—
- छोटी उम्र में भी बड़ा बदलाव संभव है
- सेवा भावना से समाज मजबूत होता है
- शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं
यह आयोजन कवर्धा ही नहीं, बल्कि पूरे जिले के लिए प्रेरणादायक बन गया है।
भविष्य में और बड़े स्तर पर आयोजन की योजना
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि आने वाले समय में—
- आनंद मेले को वार्षिक आयोजन बनाया जाएगा
- अधिक सामाजिक संगठनों को जोड़ा जाएगा
- बच्चों को सेवा कार्यों में प्रत्यक्ष रूप से शामिल किया जाएगा
निष्कर्ष
कवर्धा के इन स्कूली बच्चों ने यह साबित कर दिया कि सच्ची शिक्षा वही है, जो इंसान को इंसान से जोड़ती है। आनंद मेले की कमाई से मानवता की सेवा करने का उनका संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।

