जंबूरी 2026 को लेकर CBI जांच की मांग पूर्व विधायक विकास उपाध्याय का आरोप – 5 करोड़ में टॉयलेट से लेकर टेंट तक हुआ बड़ा घोटाला

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जंबूरी 2026 में 5 करोड़ के घोटाले का आरोप। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने टॉयलेट, टेंट और अन्य व्यवस्थाओं में भ्रष्टाचार बताते हुए CBI जांच की मांग की।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित जंबूरी 2026 को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने आयोजन में भारी वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि जंबूरी के नाम पर टॉयलेट, टेंट, पंडाल, खान-पान और अन्य व्यवस्थाओं में करीब 5 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला किया गया है।

रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विकास उपाध्याय ने कहा कि जंबूरी जैसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन को बच्चों और युवाओं की सेवा के बजाय कमाई का जरिया बना दिया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।


टॉयलेट से टेंट तक में फर्जीवाड़े का आरोप

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि—

  • टॉयलेट निर्माण में लागत से कई गुना अधिक भुगतान
  • टेंट और पंडाल के टेंडर बिना पारदर्शिता
  • खान-पान, पेयजल और सफाई व्यवस्था में फर्जी बिल
  • बिना काम के ही भुगतान पास किए गए

उन्होंने कहा कि कागजों में सुविधाएं दिखाई गईं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही थी।


“बच्चों के नाम पर लूटा गया पैसा”

विकास उपाध्याय ने कहा कि जंबूरी जैसे आयोजन का उद्देश्य बच्चों में अनुशासन, सेवा और नेतृत्व का विकास होता है, लेकिन यहां सरकारी और गैर-सरकारी स्तर पर मिलीभगत से पैसों की बंदरबांट की गई।

उन्होंने कहा—

“यह सिर्फ आर्थिक घोटाला नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं के भविष्य के साथ विश्वासघात है। करोड़ों रुपये खर्च हुए, लेकिन सुविधाएं न के बराबर रहीं।”


CBI जांच की मांग

पूर्व विधायक ने स्पष्ट रूप से मांग की कि—

  • पूरे आयोजन की
  • टेंडर प्रक्रिया
  • भुगतान फाइलों
  • सप्लायर्स और ठेकेदारों

की CBI से निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिले।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने मामले को दबाने की कोशिश की, तो कांग्रेस इसे सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी।


सरकार पर संरक्षण का आरोप

विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में सत्ताधारी दल के प्रभावशाली लोगों का संरक्षण मिला हुआ है। इसी वजह से अब तक न तो कोई जांच शुरू हुई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।

उन्होंने कहा—

“अगर सरकार साफ है, तो CBI जांच से क्यों डर रही है?”


आयोजन की पारदर्शिता पर सवाल

पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि जंबूरी 2026 की तैयारियों में—

  • न तो सार्वजनिक टेंडर की जानकारी
  • न ही खर्च का विस्तृत ब्योरा

सामने लाया गया है। उन्होंने मांग की कि आयोजन से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं।


राजनीतिक बयानबाजी तेज

इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है। कांग्रेस ने जहां इसे बड़ा घोटाला बताया है, वहीं सत्ताधारी दल की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।


निष्कर्ष

जंबूरी 2026 को लेकर उठे घोटाले के आरोप और CBI जांच की मांग ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में जांच का आदेश देती है या विपक्ष के आरोपों को खारिज करती है।

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