रायपुर में साइबर ठगी, एपीके फाइल खोलते ही खाते से 4.52 लाख रुपए उड़ाए, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति ने मोबाइल पर आई एपीके (APK) फाइल खोलते ही अपने बैंक खाते से 4 लाख 52 हजार रुपए गंवा दिए। ठगों ने बेहद शातिर तरीके से मोबाइल का कंट्रोल हासिल कर कुछ ही मिनटों में खाते को खाली कर दिया।
📲 कैसे हुआ साइबर फ्रॉड?
पीड़ित के अनुसार, उसके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया, जिसमें एक एपीके फाइल अटैच थी। मैसेज में लिखा था कि—
- यह फाइल बैंक अपडेट
- केवाईसी सत्यापन
- या किसी जरूरी ऐप से जुड़ी है
जैसे ही पीड़ित ने फाइल डाउनलोड कर इंस्टॉल की, मोबाइल में मौजूद बैंकिंग ऐप, ओटीपी और मैसेज पर ठगों की सीधी पहुंच बन गई।
💸 मिनटों में खाते से उड़ गए पैसे
एपीके फाइल इंस्टॉल होते ही—
- ठगों ने पीड़ित के मोबाइल को रिमोट एक्सेस में ले लिया
- बैंक से जुड़े ओटीपी उनके पास पहुंचने लगे
- कुछ ही मिनटों में 4.52 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए गए
जब तक पीड़ित को इसका अहसास हुआ, तब तक खाता लगभग खाली हो चुका था।
🚔 पुलिस में दर्ज हुई शिकायत
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने—
- साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई
- संबंधित थाने में लिखित रिपोर्ट दी
पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल को जांच सौंपी है। ट्रांजेक्शन डिटेल्स और संदिग्ध खातों की जांच की जा रही है।
🛑 क्या होती है एपीके फाइल ठगी?
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक—
- एपीके फाइल एंड्रॉयड ऐप का इंस्टॉलेशन फॉर्मेट होता है
- ठग इसमें मैलवेयर डालकर भेजते हैं
- फाइल इंस्टॉल होते ही मोबाइल का पूरा डेटा कंट्रोल में आ जाता है
इससे बैंकिंग, सोशल मीडिया और निजी जानकारी तक ठगों की पहुंच बन जाती है।
⚠️ पुलिस की चेतावनी
रायपुर पुलिस और साइबर सेल ने आम लोगों से अपील की है कि—
- अनजान नंबर से आई एपीके फाइल कभी डाउनलोड न करें
- किसी भी लिंक या ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसकी सत्यता जांचें
- बैंक या सरकारी संस्थान कभी एपीके फाइल नहीं भेजते
संदेह होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
🔐 ऐसे रखें खुद को सुरक्षित
✔ सिर्फ गूगल प्ले स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें
✔ मोबाइल में एंटी-वायरस रखें
✔ ओटीपी और पिन किसी से साझा न करें
✔ अनजान कॉल या मैसेज से सावधान रहें

