रायपुर के कचना सड्डू सहित कई इलाकों में नलों से झागदार पानी, नाली से सटी पाइपलाइन में लीकेज से दूषित जल आपूर्ति का खतरा।
रायपुर। राजधानी रायपुर में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के कचना सड्डू समेत कई रिहायशी इलाकों में नलों से झागदार और दुर्गंधयुक्त पानी आने की शिकायतें सामने आई हैं। प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि नालियों के पास बिछी पाइपलाइन में लीकेज के कारण गंदा पानी पेयजल लाइन में मिल रहा है।
यह स्थिति हाल ही में इंदौर में सामने आई गंभीर जल संकट की याद दिला रही है, जहां दूषित पानी के कारण कई लोग बीमार हो गए थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है—क्या रायपुर भी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
🚰 नाली से सटी पाइपलाइन बनी खतरे की वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगहों पर
- पानी की पाइपलाइन नालियों के बिल्कुल पास या नीचे से गुजर रही है
- पाइप पुराने और जर्जर हो चुके हैं
- हल्के दबाव में भी पाइपलाइन से पानी रिसने लगता है
लीकेज होने पर नालियों का गंदा पानी सीधे पाइपलाइन में घुस रहा है, जिससे नलों में झागदार और बदबूदार पानी आ रहा है।
🧪 झागदार पानी से बढ़ा संक्रमण का खतरा
नलों से निकल रहे झागदार पानी को देखकर लोगों में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि
- ऐसा पानी बैक्टीरिया और रसायनों से युक्त हो सकता है
- इसके सेवन से पेट संक्रमण, डायरिया, टायफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है
- बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह ज्यादा खतरनाक हो सकता है
कई परिवारों ने एहतियातन नल का पानी पीना बंद कर दिया है।
🏘️ कचना सड्डू सहित कई इलाकों में शिकायतें
नगर निगम को कचना सड्डू, आसपास की कॉलोनियों और कुछ अन्य क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। लोगों का कहना है कि
- कई दिनों से पानी की गुणवत्ता खराब है
- शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ
- केवल अस्थायी मरम्मत कर मामले को टाल दिया जाता है
🏛️ नगर निगम की प्रतिक्रिया
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि
- संबंधित इलाकों में जांच के निर्देश दिए गए हैं
- जहां भी लीकेज की पुष्टि होगी, वहां पाइपलाइन बदली जाएगी
- पानी के सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है
हालांकि, जमीनी स्तर पर लोगों को अब तक ठोस राहत नहीं मिली है।
⚠️ इंदौर जैसी घटना से सबक जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते
- पाइपलाइन नेटवर्क का ऑडिट
- नालियों से सुरक्षित दूरी
- पुराने पाइपों का प्रतिस्थापन
नहीं किया गया, तो रायपुर में भी इंदौर जैसी बड़ी स्वास्थ्य आपदा हो सकती है।
📢 नागरिकों की मांग
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि
- प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत शुद्ध पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था हो
- पूरी पाइपलाइन प्रणाली की तकनीकी जांच कराई जाए
- दोषी ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए
🌆 भविष्य की चुनौती
तेजी से बढ़ते शहर में जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या आने वाले दिनों में और गंभीर रूप ले सकती है।

