गुरु गोबिंद सिंह जी की 359वीं जयंती पर रायपुर के पंडरी गुरुद्वारे में विशेष दीवान आयोजित, गुरुचरण सिंह होरा ने परिवार संग मत्था टेका।
रायपुर। देशभर में आज सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की 359वीं जयंती श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ प्रकाश पर्व के रूप में मनाई जा रही है। राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के गुरुद्वारों में इस पावन अवसर पर विशेष दीवान, गुरुबाणी पाठ, शब्द-कीर्तन और लंगर का आयोजन किया गया। रागी जत्थों द्वारा किए गए मधुर गुरुबाणी गायन से गुरुद्वारे का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
इसी क्रम में ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन एवं छत्तीसगढ़ टेनिस संघ के महासचिव गुरुचरण सिंह होरा ने आज सुबह अपने परिवार सहित रायपुर के पंडरी स्थित गुरुद्वारे पहुंचकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेक कर देश और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने गुरुद्वारे में आयोजित लंगर सेवा में भी सहभागिता कर सेवा भाव का परिचय दिया।

🌸 बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालु
गुरु गोबिंद सिंह जयंती के अवसर पर पंडरी गुरुद्वारा सहित शहर के अन्य गुरुद्वारों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सिख समाज के साथ-साथ अन्य समाजों के लोग भी गुरु जी के दर्शन और अरदास के लिए गुरुद्वारों में पहुंचे। गुरुद्वारा परिसर में पूरे दिन भक्ति, सेवा और अनुशासन का वातावरण बना रहा।
🗣️ गुरुचरण सिंह होरा ने क्या कहा
इस अवसर पर गुरुचरण सिंह होरा ने कहा—
“आज हम सभी सिख समाज के लोग अपने दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व मना रहे हैं। गुरु जी का संपूर्ण जीवन त्याग, बलिदान और धर्म की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अन्याय, अधर्म और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने पूरे परिवार तक को देश और धर्म के लिए समर्पित कर दिया। ऐसे महान गुरु को आज हम श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि लंगर की परंपरा सिख धर्म की सेवा, समानता और मानवता की भावना का प्रतीक है, जो सदियों से चली आ रही है और आज भी उसी श्रद्धा और अनुशासन के साथ निभाई जा रही है।
“इस पावन अवसर पर मैं प्रदेश और देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। गुरु महाराज की कृपा से सभी का जीवन सुखमय और परिवार खुशहाल रहे,” उन्होंने कहा।
🙏 समाज के प्रमुख लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर पंडरी गुरुद्वारे में
- जी.एस. भांबरा
- स्टेशन रोड गुरुद्वारा समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह छाबड़ा
- लवली अरोरा
- इकबाल सिंह सलूजा
सहित सिख समाज के अनेक वरिष्ठजन, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
📖 गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन—साहस और बलिदान की मिसाल
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन बलिदान, शौर्य और धर्म रक्षा की अमिट गाथा है। उन्होंने जीवनभर अन्याय, अत्याचार और अधर्म के खिलाफ संघर्ष किया। गुरु जी की तीन पीढ़ियों ने देश और धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यही कारण है कि उनका जन्मदिन सिख समाज द्वारा पूरे देश में प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है, जो केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि साहस, सेवा और समर्पण का संदेश भी देता है।

