छत्तीसगढ़ में 100 समितियों में 200 टन क्षमता के नए गोदाम बनेंगे, जिससे राज्य की कुल भंडारण क्षमता 20 हजार टन तक बढ़ेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कृषि भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने उन प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों में नए गोदाम निर्माण का निर्णय लिया है, जहां या तो गोदाम नहीं हैं या फिर पुराने गोदाम जर्जर हालत में हैं। इस योजना के तहत पहले चरण में 100 समितियों का चयन किया गया है, जहां प्रत्येक स्थान पर 200 टन क्षमता का आधुनिक गोदाम बनाया जाएगा। इससे राज्य की भंडारण क्षमता में कुल 20 हजार टन की वृद्धि होगी।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
इस पहल का सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। अभी तक कई समितियों में पर्याप्त भंडारण सुविधा न होने के कारण किसानों को अपनी उपज खुले में रखने या निजी गोदामों पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे न केवल अनाज खराब होता था, बल्कि किसानों को अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता था।
नए गोदाम बनने से—
- धान, गेहूं और अन्य फसलों का सुरक्षित भंडारण होगा
- खरीदी के बाद अनाज रखने में परेशानी नहीं होगी
- नमी, कीट और मौसम से होने वाले नुकसान में कमी आएगी
पहले चरण में 100 समितियां चयनित
सरकारी जानकारी के अनुसार पहले चरण में उन 100 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को चुना गया है—
- जहां अभी कोई गोदाम उपलब्ध नहीं है
- या जहां मौजूद गोदाम जर्जर अवस्था में हैं
- जहां खरीदी और भंडारण का दबाव अधिक रहता है
इन सभी स्थानों पर 200 टन क्षमता के पक्के और आधुनिक गोदाम बनाए जाएंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे गोदाम
निर्माण होने वाले गोदामों में—
- वैज्ञानिक भंडारण प्रणाली
- वेंटिलेशन और नमी नियंत्रण की व्यवस्था
- कीट नियंत्रण उपाय
- सुरक्षा और रखरखाव की उचित व्यवस्था
जैसी सुविधाएं होंगी, जिससे अनाज की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे।
खाद्य सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
सरकार का मानना है कि भंडारण क्षमता बढ़ने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और समर्थन मूल्य पर खरीदी व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। समय पर खरीदी और सुरक्षित भंडारण से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
भविष्य में और बढ़ेगी क्षमता
अधिकारियों के अनुसार यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। पहले चरण के सफल क्रियान्वयन के बाद—
- अन्य समितियों को भी शामिल किया जाएगा
- राज्य की भंडारण क्षमता को और बढ़ाया जाएगा
- ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
गोदाम निर्माण से—
- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- किसानों की आय में स्थिरता आएगी
- कृषि विपणन व्यवस्था में सुधार होगा
यह कदम आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार का पक्ष
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हित में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना उसकी प्राथमिकता है। भंडारण क्षमता बढ़ाकर न केवल फसल नुकसान रोका जाएगा, बल्कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य भी सुनिश्चित किया जाएगा।

