रायपुर में प्रॉपर्टी टैक्स ऑनलाइन भुगतान को पांच साल बाद भी केवल 40 प्रतिशत लोगों ने अपनाया, सिस्टम पर भरोसे की कमी बनी हुई है।
रायपुर। राजधानी रायपुर में प्रॉपर्टी टैक्स को ऑनलाइन जमा करने की सुविधा शुरू हुए करीब पांच साल हो चुके हैं, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में नागरिक इस डिजिटल व्यवस्था पर पूरी तरह भरोसा नहीं जता पा रहे हैं। नगर निगम के ताजा आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में केवल लगभग 40 प्रतिशत करदाता ही ऑनलाइन माध्यम से प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर रहे हैं, जबकि शेष 60 प्रतिशत लोग अब भी नगर निगम कार्यालय या टैक्स काउंटर पर जाकर टैक्स जमा करना पसंद कर रहे हैं।
डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई ऑनलाइन टैक्स भुगतान प्रणाली का अपेक्षित लाभ अब तक पूरी तरह नहीं मिल पाया है।
पांच साल पहले लागू हुआ था ऑनलाइन टैक्स नियम
नगर निगम रायपुर द्वारा वर्ष 2020 में प्रॉपर्टी टैक्स को ऑनलाइन माध्यम से जमा करने का नियम लागू किया गया था। इसका उद्देश्य टैक्स संग्रह प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाना था। इसके साथ ही नागरिकों को लंबी कतारों और कागजी प्रक्रिया से राहत दिलाने का दावा किया गया था।
हालांकि नियम लागू होने के बावजूद इसे पूरी तरह अनिवार्य नहीं बनाया गया, जिससे लोग अपनी सुविधा अनुसार ऑफलाइन भुगतान करते रहे।
किन कारणों से नहीं बढ़ रहा भरोसा?
नगर निगम अधिकारियों और करदाताओं से बातचीत में सामने आया कि ऑनलाइन टैक्स प्रणाली पर भरोसा न करने के पीछे कई कारण हैं—
- तकनीकी गड़बड़ी और सर्वर डाउन की शिकायतें
- भुगतान के बाद रसीद देर से मिलने की समस्या
- टैक्स अपडेट न होने का डर
- साइबर फ्रॉड और डेटा सुरक्षा को लेकर आशंका
- बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों में डिजिटल जागरूकता की कमी
कई नागरिकों का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान करने के बाद भी टैक्स बकाया दिखता रहता है, जिससे उन्हें दोबारा निगम के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
निगम को हो रहा नुकसान
ऑनलाइन भुगतान कम होने से नगर निगम को टैक्स कलेक्शन में अतिरिक्त समय और संसाधन लगाने पड़ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि अधिक लोग ऑनलाइन टैक्स जमा करें तो—
- संग्रह प्रक्रिया तेज होगी
- मानव संसाधन पर दबाव कम होगा
- पारदर्शिता बढ़ेगी
- भ्रष्टाचार की संभावनाएं घटेंगी
निगम के अनुसार ऑनलाइन भुगतान बढ़ने से करोड़ों रुपये के प्रशासनिक खर्च की बचत संभव है।
नगर निगम की पहल
ऑनलाइन टैक्स भुगतान को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम ने कई कदम उठाए हैं—
- वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से भुगतान सुविधा
- यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग विकल्प
- ऑनलाइन भुगतान पर छूट और प्रोत्साहन
- वार्ड स्तर पर जागरूकता शिविर
इसके बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं।
करदाताओं की राय
रायपुर के कई करदाताओं का कहना है कि वे ऑनलाइन सिस्टम का समर्थन करते हैं, लेकिन जब तक व्यवस्था पूरी तरह भरोसेमंद और त्रुटिरहित नहीं होगी, तब तक ऑफलाइन भुगतान ही सुरक्षित विकल्प है।
एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा,
“ऑनलाइन टैक्स भरने के बाद अगर कोई गलती हो जाए तो सुधार कराना मुश्किल हो जाता है, इसलिए हम काउंटर पर जाकर ही टैक्स भरते हैं।”
भविष्य की योजना
नगर निगम अब ऑनलाइन टैक्स प्रणाली को और मजबूत करने की तैयारी में है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में—
- रियल टाइम टैक्स अपडेट
- ऑटो जनरेटेड डिजिटल रसीद
- हेल्पडेस्क और कॉल सेंटर सुविधा
- डिजिटल साक्षरता अभियान
जैसी सुविधाएं शुरू की जाएंगी, जिससे लोगों का भरोसा बढ़े।
डिजिटल बदलाव की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन टैक्स भुगतान को सफल बनाने के लिए केवल तकनीकी सुविधा ही नहीं, बल्कि नागरिकों का विश्वास जीतना भी जरूरी है। जब तक सिस्टम पारदर्शी, सुरक्षित और आसान नहीं बनेगा, तब तक डिजिटल बदलाव अधूरा रहेगा।

