रायपुर में चौपाटी का असमंजस: हटाई गई चौपाटी नई जगह पर अब तक नहीं बसी, इधर 20वें दिन नालंदा-2 का वर्क ऑर्डर जारी

- Advertisement -
vastuguruji
Facebook
Twitter
LinkedIn
Pinterest
WhatsApp

रायपुर में हटाई गई चौपाटी नई जगह पर अब तक शुरू नहीं हो सकी, दुकानदार परेशान, वहीं नगर निगम ने नालंदा-2 परियोजना का वर्क ऑर्डर जारी किया।

रायपुर। राजधानी रायपुर में शहरी विकास और सौंदर्यीकरण के नाम पर हटाई गई चौपाटी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एक ओर जहां पुरानी चौपाटी को हटाए हुए कई सप्ताह बीत चुके हैं, वहीं दूसरी ओर तय की गई नई जगह पर चौपाटी अब तक आबाद नहीं हो सकी है। इससे दर्जनों छोटे दुकानदारों और ठेलेवालों की रोजी-रोटी पर संकट गहराता जा रहा है। इसी बीच नगर निगम द्वारा नालंदा-2 परियोजना का वर्क ऑर्डर 20वें दिन जारी किए जाने से यह मामला और चर्चा में आ गया है।


हटाई गई, लेकिन बसाई नहीं गई चौपाटी

नगर निगम द्वारा शहर के एक प्रमुख इलाके में संचालित चौपाटी को अव्यवस्था, ट्रैफिक दबाव और अतिक्रमण के कारण हटाया गया था। उस समय प्रशासन ने दावा किया था कि चौपाटी को एक नई और बेहतर जगह पर शिफ्ट किया जाएगा, जहां सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

हालांकि हकीकत यह है कि चौपाटी हटने के कई दिन बाद भी नई जगह पर न तो बुनियादी ढांचा तैयार हो पाया है और न ही दुकानदारों को वहां व्यवस्थित रूप से बसाया जा सका है।


दुकानदारों की आजीविका पर असर

चौपाटी से जुड़े अधिकांश दुकानदार छोटे व्यवसायी हैं, जिनकी दैनिक कमाई पर ही परिवार निर्भर करता है। चौपाटी हटने के बाद कई दुकानदार बेरोजगार बैठे हैं, तो कुछ इधर-उधर अस्थायी रूप से दुकान लगाकर गुजारा कर रहे हैं।

दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि कुछ ही दिनों में नई जगह पर चौपाटी शुरू हो जाएगी, लेकिन अब कई सप्ताह बीतने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।


नई जगह पर अव्यवस्थाएं

जहां नई चौपाटी प्रस्तावित है, वहां अब तक बिजली, पानी, शौचालय, पार्किंग और शेड जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई हैं। इसी कारण दुकानदार वहां जाने से कतरा रहे हैं।

कुछ दुकानदारों का आरोप है कि बिना पूरी तैयारी के ही पुरानी चौपाटी हटाना जल्दबाजी भरा फैसला था, जिसका खामियाजा अब उन्हें भुगतना पड़ रहा है।


नालंदा-2 परियोजना का वर्क ऑर्डर जारी

इसी बीच नगर निगम ने शहर की महत्वाकांक्षी नालंदा-2 परियोजना का वर्क ऑर्डर हटाने के करीब 20 दिन बाद जारी कर दिया है। इस परियोजना को लेकर पहले ही शहर में काफी चर्चा थी।

नालंदा-2 को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक बड़े शहरी प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों और दुकानदारों का सवाल है कि जब चौपाटी जैसी छोटी लेकिन जरूरी व्यवस्था को संभालने में देरी हो रही है, तो बड़े प्रोजेक्ट्स का क्रियान्वयन कितना प्रभावी होगा।


प्रशासन की सफाई

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि चौपाटी को नई जगह पर बसाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही सभी दुकानदारों को वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार नालंदा-2 परियोजना और चौपाटी, दोनों अलग-अलग योजनाएं हैं और दोनों पर समानांतर रूप से काम किया जा रहा है।


स्थानीय लोगों की नाराजगी

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि चौपाटी हटने से इलाके की रौनक और सामाजिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। पहले जहां शाम के समय लोगों की चहल-पहल रहती थी, अब वह माहौल पूरी तरह खत्म हो गया है।


सवालों के घेरे में शहरी नियोजन

विशेषज्ञों का मानना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था को पूरी तरह तैयार किए किसी भी जीविकोपार्जन से जुड़े ढांचे को हटाना शहरी नियोजन की बड़ी चूक मानी जाती है। इससे न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि प्रशासन पर भरोसा भी कमजोर पड़ता है।

Facebook
Twitter
LinkedIn
Pinterest
WhatsApp
Leave a Comment
- Advertisement -
Vastugurujivastuguruji

Recent News

Vastu Products

VastuGuruji Products
INDRA DEV 9″
INDRA DEV 9″
🛒 Read More Details
Power of Infinity
Power of Infinity
🛒 Read More Details
Vastu Chakra
Vastu Chakra 
🛒 Read More Details

शादियों का सीजन शुरू, सिलेंडर के लिए फूड विभाग को दूसरा निमंत्रण

रायपुर में शादी सीजन शुरू होते ही लोग भगवान के बाद खाद्य…

महतारी वंदन योजना में अव्यवस्था, धूप में परेशान महिलाएं

रायपुर में महतारी वंदन योजना के दौरान अव्यवस्था, राशन स्टॉक की कमी…

एलपीजी की जमाखोरी रोकने 419 छापेमारी, बुकिंग में आई भारी गिरावट

रायपुर में एलपीजी जमाखोरी रोकने 419 छापेमारी, अफवाह से मार्च में बुकिंग…