छत्तीसगढ़ के 115 नगरीय निकायों में बनेंगे अटल परिसर

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छत्तीसगढ़ सरकार 115 नगरीय निकायों में अटल परिसर बनाएगी। इस योजना पर 46 करोड़ खर्च होंगे, जिससे नगर निगम, पालिका और पंचायतों को अनुदान मिलेगा।

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शहरी अधोसंरचना को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में “अटल परिसर” के निर्माण को मंजूरी दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत राज्य सरकार लगभग 46 करोड़ रुपये की राशि खर्च करेगी। योजना का उद्देश्य नगरीय निकायों को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं प्रदान करना, जनप्रतिनिधियों के लिए कार्यस्थल उपलब्ध कराना और नागरिक सेवाओं को अधिक सुचारू बनाना है।


नगर निकायों को मिलेगा सीधा लाभ

इस योजना का लाभ प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों को मिलेगा। प्रत्येक नगरीय निकाय में बनने वाला अटल परिसर स्थानीय प्रशासन की गतिविधियों का केंद्र बनेगा। यहां बैठकों, योजनाओं की समीक्षा, जनसुनवाई और विभिन्न शासकीय कार्यों के संचालन की व्यवस्था होगी।

सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुदान राशि से इन परिसरों का निर्माण और आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे नगरीय प्रशासन अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सके।


अटल परिसर की अवधारणा

अटल परिसर का नाम देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में रखा गया है। इन परिसरों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा, ताकि नगरीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि और अधिकारी एक ही स्थान पर समन्वय के साथ कार्य कर सकें।

अटल परिसर में संभावित रूप से निम्न सुविधाएं होंगी—

  • बैठक कक्ष
  • जनसुनवाई हॉल
  • कार्यालय कक्ष
  • डिजिटल एवं आईटी सुविधाएं
  • नागरिक सेवा केंद्र

शहरी विकास को मिलेगी नई गति

राज्य सरकार का मानना है कि अटल परिसर के निर्माण से शहरी क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी। इससे नगर विकास से जुड़ी योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी और आम नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं मिल सकेंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, एकीकृत प्रशासनिक ढांचा बनने से नगरीय निकायों में निर्णय लेने की प्रक्रिया मजबूत होगी और जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से हो पाएगा।


46 करोड़ रुपये की वित्तीय व्यवस्था

सरकार द्वारा स्वीकृत 46 करोड़ रुपये की राशि को चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा। नगरीय निकायों को उनकी श्रेणी (नगर निगम, पालिका या पंचायत) के अनुसार अनुदान दिया जाएगा। निर्माण कार्यों की निगरानी संबंधित विभाग और जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी, ताकि गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जा सके।


जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को सुविधा

अटल परिसर के निर्माण से न केवल जनप्रतिनिधियों को कार्य करने के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा, बल्कि नगरीय निकायों के कर्मचारियों को भी सुविधाजनक और सुव्यवस्थित कार्यस्थल उपलब्ध होंगे। इससे कार्यक्षमता बढ़ेगी और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।


सरकार का विजन

राज्य सरकार का कहना है कि नगरीय क्षेत्रों का संतुलित विकास प्रदेश की प्राथमिकता है। अटल परिसर जैसी योजनाएं प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था को भी मजबूत करती हैं। यह योजना आने वाले वर्षों में शहरी विकास की रीढ़ साबित हो सकती है।


जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

प्राप्त जानकारी के अनुसार, योजना की स्वीकृति के बाद जल्द ही सभी नगरीय निकायों को दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। तकनीकी अनुमोदन और निविदा प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि तय समय-सीमा में सभी अटल परिसरों का निर्माण पूरा किया जाए।

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