रायपुर सहित चार शहरों में जीएसटी विभाग की छापेमारी, समारोहों में कैटरिंग करने वाले कारोबारी जांच के घेरे में, टैक्स चोरी की आशंका।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जीएसटी चोरी और कर अपवंचन के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। राज्य कर विभाग (GST) की टीमों ने रायपुर सहित चार प्रमुख शहरों में एक साथ छापेमारी कर समारोहों और आयोजनों में कैटरिंग सेवा देने वाले कारोबारियों को जांच के दायरे में लिया है। इस कार्रवाई से कैटरिंग और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई उन फर्मों और व्यक्तियों के खिलाफ की गई है, जिन पर बिलिंग में गड़बड़ी, टैक्स कम दिखाने और बिना जीएसटी के सेवाएं देने का संदेह है।
एक साथ कई जगहों पर दबिश
जीएसटी विभाग की टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से रायपुर, दुर्ग-भिलाई समेत अन्य शहरों में एक साथ कार्रवाई की। अधिकारियों ने संबंधित कारोबारियों के—
- कार्यालय
- गोदाम
- कैटरिंग किचन
- दस्तावेज भंडारण स्थल
पर पहुंचकर रिकॉर्ड खंगाले।
कैटरिंग कारोबार पर विशेष फोकस
सूत्रों के अनुसार, शादी-विवाह, रिसेप्शन, राजनीतिक कार्यक्रम और बड़े आयोजनों में कैटरिंग का काम करने वाले कई कारोबारी—
- नकद लेनदेन
- बिना बिल सेवाएं
- कम टर्नओवर दिखाना
जैसे तरीकों से जीएसटी से बचने का प्रयास कर रहे थे। इसी आधार पर विभाग को शिकायतें मिली थीं।
दस्तावेज और डिजिटल डेटा की जांच
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने—
- बिक्री रजिस्टर
- खरीद बिल
- बैंक लेनदेन
- डिजिटल अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर
- मोबाइल और कंप्यूटर डेटा
की जांच की। कई जगहों पर लेनदेन में अंतर और अनियमितताएं सामने आने की बात कही जा रही है।
लाखों से करोड़ों की कर चोरी की आशंका
हालांकि विभाग ने अभी आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच में लाखों से लेकर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी का संदेह है।
जांच पूरी होने के बाद—
- टैक्स वसूली
- जुर्माना
- ब्याज
- कानूनी कार्रवाई
की जा सकती है।
कारोबारी संगठनों में नाराजगी
इस कार्रवाई के बाद कुछ कैटरिंग कारोबारी संगठनों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि—
- छोटे कारोबारियों को भी बड़े मामलों की तरह ट्रीट किया जा रहा है
- कई बार नियमों की जटिलता के कारण गलतियां हो जाती हैं
हालांकि जीएसटी विभाग का कहना है कि कार्रवाई केवल गंभीर अनियमितताओं वाले मामलों में की जा रही है।
विभाग का पक्ष
राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने बताया—
“जीएसटी चोरी किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। समारोह और कैटरिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर लेनदेन होता है, इसलिए निगरानी जरूरी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी तरह नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से की जा रही है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में—
- इवेंट मैनेजमेंट
- टेंट हाउस
- डेकोरेशन
- लाइटिंग और साउंड सिस्टम
से जुड़े कारोबारियों पर भी नजर रखी जाएगी।
निष्कर्ष
रायपुर समेत चार शहरों में हुई यह जीएसटी छापेमारी राज्य में कर अनुपालन को सख्त करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। कैटरिंग और आयोजन क्षेत्र में काम करने वाले कारोबारियों के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि टैक्स नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ सकती है।

