रायपुर में ऑपरेशन समाधान के तहत पुलिस की सरप्राइज चेकिंग, 1000 से अधिक बाहरी लोगों की तस्दीक और 100 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ।
रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध घुसपैठ और संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम कसने के उद्देश्य से पुलिस ने ऑपरेशन समाधान के तहत बड़ा सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की आशंका को देखते हुए शहर के विभिन्न इलाकों में सरप्राइज चेकिंग की गई। अभियान के तहत बाहरी राज्यों से आए 1000 से अधिक लोगों की पहचान और दस्तावेजों की तस्दीक की गई, जबकि 100 से ज्यादा संदिग्ध व्यक्तियों को पूछताछ के लिए पुलिस लाइन लाया गया।
देर रात चला अभियान, कई इलाकों में एक साथ दबिश
पुलिस सूत्रों के अनुसार यह अभियान देर रात से तड़के तक चला। शहर के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, निर्माण स्थलों, झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों, किराए के मकानों और मजदूर बस्तियों में अचानक पहुंचकर पुलिस टीमों ने सघन जांच की।
अभियान में स्थानीय थाना पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच और विशेष टीमों को भी शामिल किया गया।
आधार, पहचान पत्र और निवास प्रमाण की जांच
जांच के दौरान पुलिस ने लोगों से—
- आधार कार्ड
- वोटर आईडी
- राशन कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- कार्यस्थल से जुड़े दस्तावेज
की मांग की। जिन व्यक्तियों के पास संतोषजनक दस्तावेज नहीं मिले या जिनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं, उन्हें अस्थायी रूप से हिरासत में लेकर पुलिस लाइन में विस्तृत पूछताछ की गई।
100 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ
पुलिस लाइन लाए गए संदिग्धों से उनके मूल निवास, कामकाज, रायपुर आने का उद्देश्य और यहां रहने की अवधि को लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूछताछ के बाद जिन लोगों के दस्तावेज सही पाए गए, उन्हें छोड़ दिया गया, जबकि जिनके मामलों में संदेह बरकरार है, उनकी जानकारी संबंधित राज्यों और एजेंसियों से साझा की जा रही है।
अवैध घुसपैठ पर सख्ती
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी है। इसी कड़ी में रायपुर पुलिस ने भी सतर्कता बरतते हुए यह अभियान चलाया है।
पुलिस का कहना है कि किसी भी स्थिति में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ऑपरेशन समाधान आगे भी रहेगा जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन समाधान एक सतत अभियान है और आने वाले दिनों में भी इस तरह की अचानक चेकिंग और सत्यापन कार्रवाई जारी रहेगी। खासकर उन इलाकों पर नजर रखी जा रही है जहां बाहरी राज्यों से आए मजदूरों और किराएदारों की संख्या अधिक है।
आम नागरिकों से सहयोग की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों, मकान मालिकों और ठेकेदारों से अपील की है कि वे—
- किराएदारों का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं
- संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें
- बिना दस्तावेज के किसी को आश्रय न दें
इससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।
निष्कर्ष
रायपुर में ऑपरेशन समाधान के तहत की गई यह बड़ी कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि पुलिस अवैध घुसपैठ और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी। हजार से अधिक लोगों की तस्दीक और सौ से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ इस बात का प्रमाण है कि राजधानी की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

