रायपुर में SIR के तहत आज प्रारंभिक मतदान सूची जारी होगी, जिसमें 4.94 लाख वोटर बाहर रहेंगे और हर चौथा नाम कटने की आशंका है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत आज एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। निर्वाचन विभाग द्वारा प्रारंभिक मतदान सूची (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) आज सार्वजनिक की जाएगी। इस सूची में रायपुर जिले के करीब 4.94 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं होंगे, यानी जिले के हर चौथे वोटर का नाम सूची से कट सकता है।
इस घटनाक्रम ने राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम मतदाताओं की चिंता भी बढ़ा दी है। निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि यह केवल प्रारंभिक सूची है और जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें दावा-आपत्ति का पूरा अवसर दिया जाएगा।
क्यों हटे इतने बड़े पैमाने पर नाम?
SIR अभियान के तहत मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करने की प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान—
- जिन मतदाताओं ने आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किए
- जिनके पते, उम्र या पहचान में विसंगति पाई गई
- मृत, स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टियों वाले नाम
ऐसे लाखों नामों को प्रारंभिक सूची से बाहर रखा गया है।
रायपुर जिले में बड़ी संख्या में मतदाताओं द्वारा समय पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण 4.94 लाख नाम अस्थायी रूप से हटाए गए हैं।
हर चौथा वोटर सूची से बाहर
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार रायपुर जिले में कुल मतदाताओं की संख्या के अनुपात में यह कटौती बेहद बड़ी मानी जा रही है। अनुमान है कि—
- करीब 25 प्रतिशत मतदाता प्रारंभिक सूची से बाहर होंगे
- शहरी क्षेत्रों में कटौती ज्यादा
- किराएदार, प्रवासी मजदूर और युवा मतदाता सबसे अधिक प्रभावित
कहां और कैसे देख सकेंगे नाम?
निर्वाचन विभाग ने बताया कि प्रारंभिक मतदान सूची—
- आधिकारिक निर्वाचन वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी
- बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के पास उपलब्ध होगी
- राजनीतिक दलों को भी अलग से सूची सौंपी जाएगी
मतदाता अपना नाम ऑनलाइन खोज सकते हैं और यदि नाम नहीं है तो दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
दावा-आपत्ति की प्रक्रिया
जिन मतदाताओं का नाम सूची से कट गया है, वे—
- निर्धारित फॉर्म भरकर
- पहचान और निवास से जुड़े दस्तावेज लगाकर
- बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि योग्य मतदाताओं का नाम अंतिम सूची से बाहर नहीं किया जाएगा, बशर्ते वे समय पर दावा प्रस्तुत करें।
राजनीतिक दलों में हलचल
प्रारंभिक सूची जारी होने से पहले ही राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने आशंका जताई है कि—
- बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम कट सकते हैं
- शहरी और युवा वोटरों पर ज्यादा असर पड़ेगा
- चुनाव से पहले यह बड़ा मुद्दा बन सकता है
वहीं प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुसार की जा रही है।
निर्वाचन विभाग का पक्ष
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार—
“यह केवल ड्राफ्ट लिस्ट है। अंतिम सूची जारी होने से पहले सभी योग्य मतदाताओं को नाम जुड़वाने का अवसर दिया जाएगा।”
अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे सूची जरूर जांचें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में तुरंत सुधार कराएं।
आगे क्या होगा?
- आज प्रारंभिक सूची जारी
- निर्धारित अवधि तक दावा-आपत्ति
- जांच और सत्यापन
- इसके बाद अंतिम मतदान सूची प्रकाशित की जाएगी
निष्कर्ष
SIR के तहत जारी होने वाली प्रारंभिक मतदान सूची रायपुर जिले के लिए बेहद अहम साबित होने जा रही है। करीब पांच लाख नामों का बाहर होना न केवल प्रशासनिक चुनौती है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए भी गंभीर विषय है। अब सबकी नजरें दावा-आपत्ति प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिससे तय होगा कि अंतिम सूची में कितने मतदाता बने रहेंगे।

