रायपुर। ऑनलाइन गेमिंग की लत से परेशान युवक ने होटल में की आत्महत्या।
राजधानी के राठौर चौक स्थित होटल हरदेव में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव बरामद कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक ऑनलाइन गेमिंग का आदी था और उसने भारी रकम गंवाने के बाद यह कदम उठाया।
बंद कमरे में मिली लाश, होटल स्टाफ ने दी सूचना
घटना शनिवार सुबह की है। होटल हरदेव के एक कमरे में ठहरे युवक ने जब सुबह दरवाजा नहीं खोला, तो होटल स्टाफ को संदेह हुआ। कई बार दस्तक देने के बाद भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद कर्मचारियों ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़ा तो युवक का शव पंखे से झूलता मिला।
मृतक की पहचान शिवा प्रधान के रूप में हुई
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान शिवा प्रधान (निवासी रायगढ़) के रूप में हुई है। वह कुछ दिनों पहले ही होटल में ठहरा था। होटल के रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद उसके परिवार को सूचित किया गया।
ऑनलाइन गेमिंग बना आत्महत्या की वजह
आज़ाद चौक थाना प्रभारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि शिवा प्रधान ऑनलाइन गेमिंग का आदी था। उसने गेमिंग के दौरान बड़ी रकम हार दी थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। यही तनाव उसकी आत्महत्या की मुख्य वजह बताई जा रही है।
परिवार वालों ने भी पुष्टि की कि शिवा को ऑनलाइन गेमिंग की लत लग गई थी। वह अधिकतर समय मोबाइल पर ही बिताता था और हाल के दिनों में उसके व्यवहार में बदलाव देखा गया था।
पुलिस ने की आगे की जांच शुरू
फॉरेंसिक टीम और पुलिस अधिकारियों ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस होटल के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है ताकि आत्महत्या से पहले की गतिविधियों की पुष्टि की जा सके।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में सभी संभावित पहलुओं की जांच की जाएगी, हालांकि अब तक की जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है।
ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती समस्या
यह घटना ऑनलाइन गेमिंग की लत से जुड़ी बढ़ती समस्याओं को उजागर करती है। ऑनलाइन गेमिंग की वजह से मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और पारिवारिक समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा गेमिंग न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
समाज में जागरूकता की जरूरत
मनोचिकित्सकों और विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन गेमिंग पर नियंत्रण जरूरी है। युवाओं को इसके प्रति जागरूक करने और माता-पिता को सतर्क रहने की जरूरत है ताकि वे अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रख सकें।
पुलिस ने अपील की है कि अगर किसी को ऑनलाइन गेमिंग या अन्य किसी वजह से मानसिक तनाव हो रहा है, तो वह अपने परिवार या किसी काउंसलर से बात करे। ऐसे मामलों में भावनात्मक सहारा और सही मार्गदर्शन आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठाने से बचा सकता है।
(रिपोर्ट: मेघा तिवारी, रायपुर)

