रायपुर। बस्तर विकास और नक्सल उन्मूलन पर मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से चर्चा।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर विकास के मास्टर प्लान की रूपरेखा प्रधानमंत्री को प्रस्तुत की, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं, उद्योगों और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की विस्तृत योजना शामिल थी। प्रधानमंत्री ने इस प्रस्ताव को सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
बस्तर में नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सुरक्षा बलों की सशक्त रणनीति और जनसहभागिता के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों के कारण कई नक्सल गढ़ों में विकास कार्य शुरू हो चुके हैं, जिससे जनता का सरकार में विश्वास और मजबूत हुआ है।
राज्य सरकार अब इन क्षेत्रों को औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। इस योजना के तहत बस्तर के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं स्थानीय आदिवासी समुदायों का जीवन स्तर भी बेहतर होगा।

नई औद्योगिक नीति से बढ़ा निवेश, प्रधानमंत्री को दी विस्तृत जानकारी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य की नई औद्योगिक नीति और इससे बढ़ते निवेश पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा सिंगल विंडो क्लीयरेंस, टैक्स छूट और निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियों को लागू किया गया है, जिससे बड़ी कंपनियां राज्य में निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि निवेशकों को राज्य में निवेश करने के लिए प्रेरित करने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा, बिजली और परिवहन सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी औद्योगिक केंद्रों में अपनी जगह बना रहा है।
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास प्राथमिकता
मुख्यमंत्री साय ने बैठक में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ में स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
बस्तर क्षेत्र की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक स्वतंत्रता दिलाने के लिए राज्य सरकार लघु वनोपज, जैविक कृषि, हथकरघा, बांस उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा दे रही है। इससे न केवल महिलाओं को रोजगार मिल रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
इसके अलावा, राज्य सरकार स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों के माध्यम से महिलाओं को उत्पादन और विपणन से जोड़ने का कार्य कर रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकें।
प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ दौरे की तैयारियां
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा साझा की। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया और इस दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की यात्रा से छत्तीसगढ़ के विकास को और गति मिलेगी और राज्य के औद्योगिक तथा सामाजिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी।

बस्तर को बनेगा नए औद्योगिक केंद्र, पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार की योजना के तहत बस्तर को केवल औद्योगिक क्षेत्र के रूप में ही नहीं, बल्कि पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को देखते हुए इको-टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस पहल से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री की सहमति और आगे की योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत विकास योजनाओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और राज्य को हरसंभव समर्थन देने का आश्वासन दिया। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और कहा कि यह प्रयास न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बनेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए आशा व्यक्त की कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर छत्तीसगढ़ के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
अब सभी की निगाहें 30 मार्च को होने वाले प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ दौरे पर टिकी हैं, जहां वे कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लोकार्पण करेंगे और राज्य को विकास की नई दिशा प्रदान करेंगे।

