रायपुर। यातायात समस्याओं पर वर्चुअल बैठक
छत्तीसगढ़ में ई-रिक्शा और ऑटो के बढ़ते दबाव के कारण यातायात प्रबंधन चुनौती बनता जा रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए परिवहन सचिव सह आयुक्त श्री एस. प्रकाश की अध्यक्षता में एक वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर और जगदलपुर जिले के प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। बैठक में अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर भी उपस्थित थे।
बैठक में ई-रिक्शा और ऑटो के अनियंत्रित परिचालन से उत्पन्न यातायात समस्याओं और उनके समाधान के लिए विभिन्न उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें विशेष रूप से मॉनिटरिंग, रेगुलेशन और नियंत्रण के बेहतर तरीकों पर चर्चा हुई, जिससे यातायात को सुगम और व्यवस्थित बनाया जा सके।
ई-रिक्शा और ऑटो की बढ़ती संख्या बनी चुनौती
बैठक में जिलेवार ई-रिक्शा और ऑटो की पंजीकृत संख्या का विश्लेषण किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है।
- ई-रिक्शा (गुड्स एवं पैसेंजर) की पंजीकृत संख्या:
- रायपुर – 13,374
- बिलासपुर – 4,493
- दुर्ग – 4,038
- अंबिकापुर – 1,311
- जगदलपुर – 41
- ऑटो (गुड्स एवं पैसेंजर) की पंजीकृत संख्या:
- रायपुर – 20,306
- बिलासपुर – 14,867
- दुर्ग – 9,602
- अंबिकापुर – 4,429
- जगदलपुर – 3,431
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में ई-रिक्शा और ऑटो की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। इस बढ़ोतरी के कारण शहरों में यातायात की समस्याएं बढ़ गई हैं। बिना उचित मॉनिटरिंग और रेगुलेशन के इन वाहनों का परिचालन अनियंत्रित हो रहा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं और जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

रायपुर जिला प्रशासन ने जोनवार योजना बनाई
बैठक में रायपुर जिला प्रशासन द्वारा तैयार किए गए जोनवार योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। इस योजना के तहत रायपुर शहर को पांच जोनों में विभाजित किया गया है, जिससे ई-रिक्शा और ऑटो का संचालन सुव्यवस्थित किया जा सके। यह योजना शहर में ट्रैफिक लोड को नियंत्रित करने और सुगम परिवहन सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।
कानूनी प्रावधानों पर हुई चर्चा
बैठक में ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। इसमें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा बनाए गए अधिनियमों और नियमों को विस्तार से समझाया गया। इसके साथ ही, राज्य सरकार और जिला प्रशासन को प्राप्त शक्तियों पर भी चर्चा की गई, जिससे कि इन वाहनों के परिचालन को नियंत्रित किया जा सके।
समस्या के समाधान के लिए मांगे गए सुझाव
बैठक में निर्णय लिया गया कि ई-रिक्शा और ऑटो पंजीयन की बढ़ती संख्या और उससे उत्पन्न यातायात समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन अपने स्तर पर प्रस्ताव और सुझाव तैयार कर राज्य सरकार को भेजे।
इसके लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति और जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अध्ययन कर यातायात सुधार के लिए सुझाव दें। इन सुझावों को राज्य सड़क सुरक्षा समिति और परिवहन विभाग को भेजा जाएगा, ताकि राज्य स्तर पर ठोस नीतियां बनाई जा सकें।
आगे की राह
राज्य सरकार का यह प्रयास है कि ई-रिक्शा और ऑटो जैसे वाहनों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित कर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए। इसके लिए जिला स्तर पर विभिन्न योजनाएं लागू की जाएंगी, जिनमें जोनवार परिचालन, लाइसेंसिंग प्रक्रिया की सख्ती, पार्किंग समाधान और यातायात नियमों के सख्त पालन को शामिल किया जाएगा।
बैठक में शामिल अधिकारियों ने यातायात सुधार के लिए अपने-अपने सुझाव दिए और सहमति व्यक्त की कि जल्द ही ठोस नीति बनाकर इन वाहनों के संचालन को व्यवस्थित किया जाएगा।

