रायपुर। महंगाई भत्ता बढ़कर हुआ 53 प्रतिशत
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के शासकीय सेवकों के लिए एक बड़ी सौगात दी है। सरकार ने महंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 53 प्रतिशत कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया, जिससे राज्य के लाखों शासकीय कर्मचारियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यह वृद्धि 1 मार्च 2025 से प्रभावी होगी और इसका भुगतान मार्च माह के वेतन के साथ अप्रैल में किया जाएगा।
बजट में की गई थी घोषणा
राज्य सरकार ने 3 मार्च 2025 को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया था। बजट भाषण के दौरान कैबिनेट मंत्री ओपी चौधरी ने शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में वृद्धि करने की घोषणा की थी। इस घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए वित्त विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इससे प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
सातवें और छठे वेतनमान के कर्मचारियों को लाभ
जारी आदेश के अनुसार, सातवें वेतनमान के तहत कार्यरत कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब उनका डीए 53 प्रतिशत हो गया है। वहीं, छठवें वेतनमान के तहत कार्यरत कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 7 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे उनका डीए बढ़कर 246 प्रतिशत हो गया है।
होली से पहले मिली सौगात
महंगाई भत्ते में इस वृद्धि से शासकीय सेवकों में खुशी की लहर है। सरकार के इस फैसले को होली के अवसर पर एक विशेष तोहफा माना जा रहा है। कर्मचारी संघों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे सरकारी कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

राज्य सरकार का प्रयास
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और उनके कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। महंगाई को ध्यान में रखते हुए डीए में बढ़ोतरी की गई है, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके।
वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस वृद्धि से सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, लेकिन कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन और भत्तों का लाभ मिले, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो।
कर्मचारी संघों की प्रतिक्रिया
शासकीय कर्मचारी संगठनों ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के निर्णय का स्वागत किया है। छत्तीसगढ़ शासकीय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष ने कहा, “हम सरकार के इस फैसले की सराहना करते हैं। इससे महंगाई की मार झेल रहे कर्मचारियों को राहत मिलेगी।”
हालांकि, कुछ कर्मचारी संगठनों का कहना है कि डीए की यह वृद्धि महंगाई दर की तुलना में पर्याप्त नहीं है और इसे और अधिक बढ़ाने की जरूरत है।
आर्थिक प्रभाव
राज्य सरकार के इस निर्णय से सरकारी खजाने पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा, लेकिन इसका सीधा लाभ लाखों कर्मचारियों को मिलेगा। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई भत्ते में वृद्धि से कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक प्रभाव मिलेगा।
आगे क्या?
राज्य सरकार का यह निर्णय शासकीय कर्मचारियों के लिए राहतकारी है। भविष्य में सरकार कर्मचारियों के अन्य भत्तों और वेतनमान में भी संशोधन कर सकती है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने के लिए समय-समय पर आवश्यक कदम उठाती रहेगी।

