रायपुर। भूपेश बघेल को सेक्स सीडी कांड में कोर्ट से राहत।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सेक्स सीडी कांड में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बड़ी राहत मिली है। सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाते हुए बघेल को बेकसूर करार दिया और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का कोई ठोस आधार नहीं है, जिसके चलते सभी आरोप हटा दिए गए हैं।
कोर्ट में हुई सुनवाई, बघेल को मिली राहत
मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पत्रकार विनोद वर्मा रायपुर स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए। यह दूसरी बार था जब सभी आरोपी कोर्ट में उपस्थित हुए। पिछली सुनवाई में सीबीआई ने अपना पक्ष रखा था, जिसके बाद न्यायालय ने मामले पर फैसला सुरक्षित रखा था।
विशेष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं, और इसलिए भूपेश बघेल को बरी किया जाता है। अदालत ने सभी आरोपों को असंबद्ध और निराधार बताते हुए आरोपियों पर लगाई गई धाराओं को हटा दिया।

भूपेश बघेल ने फैसले पर जताई खुशी, कहा “सत्यमेव जयते”
कोर्ट के फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सिर्फ “सत्यमेव जयते” लिखकर अपनी संतुष्टि जाहिर की, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था।
क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ में 2017 में सेक्स सीडी कांड सामने आया था, जिसमें तत्कालीन भाजपा सरकार ने भूपेश बघेल पर साजिश रचने और सीडी को फैलाने के आरोप लगाए थे। इस मामले की जांच पहले राज्य पुलिस ने की, लेकिन बाद में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया।
इस केस में प्रमुख आरोपियों में से एक विनोद वर्मा थे, जिन्हें सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। बाद में भूपेश बघेल पर भी केस दर्ज किया गया। मामले में कई राजनीतिक मोड़ आए और यह छत्तीसगढ़ की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना रहा।
न्यायालय ने क्यों किया बरी?
विशेष अदालत ने कहा कि सीबीआई के पास कोई ठोस साक्ष्य नहीं था, जिससे यह साबित हो सके कि भूपेश बघेल ने इस कांड में कोई भूमिका निभाई थी। कोर्ट ने यह भी पाया कि अभियोजन पक्ष के तर्क कमजोर थे और आरोपों में दम नहीं था।
क्या होगी आगे की कार्रवाई?
हालांकि अदालत ने भूपेश बघेल और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है, लेकिन सीबीआई इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील कर सकती है।
इस केस की अगली सुनवाई चार अप्रैल को होगी, जिसमें अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। सभी आरोपी फिर से कोर्ट में पेश होंगे, जहां केस की आगे की स्थिति पर चर्चा होगी।
राजनीतिक हलचल और प्रतिक्रियाएं
इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे सत्य की जीत बताया, जबकि भाजपा ने सीबीआई जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टी.एस. सिंहदेव ने कहा, “यह फैसला साबित करता है कि भाजपा सरकार ने राजनीतिक द्वेष के कारण भूपेश बघेल को झूठे आरोपों में फंसाया था।”
वहीं, भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “सीबीआई को इस मामले में उच्च न्यायालय में अपील करनी चाहिए, ताकि सच्चाई पूरी तरह से सामने आ सके।”
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी कांड में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बड़ी राहत मिली है। सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें बेकसूर करार देते हुए सभी आरोप खारिज कर दिए। कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है, जहां कांग्रेस इसे न्याय की जीत बता रही है, वहीं भाजपा ने इस पर सवाल उठाए हैं। अब सबकी नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि मामला पूरी तरह समाप्त होगा या आगे भी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।

