रायपुर। सहकारिता विभाग के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय में सहकारिता विभाग के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, सहकारिता मंत्री केदार कश्यप सहित सभी कैबिनेट मंत्रीगण उपस्थित रहे। इस कैलेंडर में सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं को दर्शाया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सहकारिता विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि “सहकार से समृद्धि” का मूलमंत्र राज्य के आर्थिक विकास में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं में सहकारी संस्थाओं की भागीदारी छत्तीसगढ़ को समृद्धि और विकास के नए आयामों तक पहुंचाएगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहकारिता को मिली मान्यता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष’ के रूप में घोषित किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा “सहकार से समृद्धि” अभियान के अंतर्गत पूरे छत्तीसगढ़ में विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएँ सिर्फ आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम भी हैं। राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र में नवाचार और सुधार लाकर इसे आधुनिक, प्रभावी और लाभदायक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
वार्षिक कैलेंडर में समाहित योजनाएँ एवं कार्ययोजना
इस वार्षिक कैलेंडर में राज्य, जिला और ग्राम स्तर पर सहकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यों को शामिल किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को दर्शाया गया है:
- धान खरीदी एवं भंडारण प्रक्रिया का विस्तार
- प्रधानमंत्री जन औषधि स्टोर एवं कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापना
- वैश्विक स्तर पर विशाल अन्न भंडारण के लिए नवीन गोदामों का निर्माण
- किसानों को एटीएम कार्ड प्रदान करना एवं पैक्स में माइक्रो एटीएम के माध्यम से भुगतान सुविधा उपलब्ध कराना
- नवीन पैक्स सोसाइटी, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों का पंजीयन और सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सहकारिता विभाग की ये योजनाएँ न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी, बल्कि किसानों, छोटे व्यापारियों और स्वयं सहायता समूहों को भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होंगी।
छत्तीसगढ़ में सहकारिता आधारित आर्थिक विकास की ओर कदम
इस कैलेंडर के विमोचन के साथ राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ को सहकारिता आधारित आर्थिक विकास की दिशा में आगे ले जाने का एक और मजबूत कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सहकारी तंत्र को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और लाभदायक बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएँ गाँवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इन संस्थानों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल समाधानों से जोड़ा जाए, जिससे उनकी कार्यप्रणाली को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाया जा सके।
विमोचन कार्यक्रम में गणमान्य लोगों की उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ कुलदीप शर्मा, अपर आयुक्त सहकारिता एवं अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक एल. कांडे सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा, सहायक पंजीयक मनीष खोबरागड़े, अपेक्स बैंक के प्रबंधक अभिषेक तिवारी, लेखा अधिकारी प्रभाकर कांत यादव सहित कई गणमान्य अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद थे।
निष्कर्ष
सहकारिता विभाग का वार्षिक कैलेंडर राज्य में सहकारिता आधारित योजनाओं और उनके प्रभाव को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर उम्मीद जताई कि यह पहल राज्य के सहकारी तंत्र को और अधिक सशक्त, पारदर्शी और लाभकारी बनाएगी।
राज्य सरकार की सहकारिता योजनाएँ न केवल किसानों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को एक सशक्त सहकारी अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे ले जाने में सहायक सिद्ध होंगी।

