रायपुर। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य संकेतकों में अभूतपूर्व सुधार
छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने संसद में अपने वक्तव्य के दौरान छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य संकेतकों में आए सकारात्मक बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश में मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में गिरावट की दर वैश्विक औसत से दोगुनी तेज रही है।
उन्होंने विशेष रूप से बीजापुर, कोंटा, नारायणपुर, बस्तर और दंतेवाड़ा जैसे आदिवासी बहुल जिलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अपनाई गई बहुआयामी रणनीतियों ने इस बदलाव को गति दी है और भविष्य में इन सुधारों को स्थायी बनाने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और सुदृढ़ किया जाएगा।
राज्य और केंद्र सरकार के सहयोग से हो रहा बदलाव: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को केंद्र और राज्य सरकार के सफल सहयोग का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि यह बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा की प्रभावी रणनीतियों का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “छत्तीसगढ़ सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदेश के सबसे दूरस्थ इलाकों तक भी पहुंचें। विशेष रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।
आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रमुख कारक
1. स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तार योजना
राज्य सरकार द्वारा दूरस्थ और पिछड़े इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना पर विशेष ध्यान दिया गया है। बीजापुर, दंतेवाड़ा और बस्तर जैसे आदिवासी बहुल जिलों में नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और उप-स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं।
2. मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन
राज्य में जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसे कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप:
- संस्थागत प्रसव (Hospital Deliveries) की दर में वृद्धि हुई है।
- मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है।
- गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच और पोषण सहायता प्रदान की जा रही है।
3. आधुनिक उपकरणों और टेलीमेडिसिन सेवाओं की उपलब्धता
छत्तीसगढ़ सरकार ने आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और टेलीमेडिसिन सेवाओं के जरिए दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का काम किया है। रायपुर, जगदलपुर और अन्य मेडिकल कॉलेजों को टेलीमेडिसिन हब के रूप में विकसित किया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के मरीज विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
4. स्वास्थ्यकर्मियों और डॉक्टरों की तैनाती
राज्य सरकार ने दूरस्थ इलाकों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को दूर करने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लागू की हैं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर हुई है।
आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए कृतसंकल्पित है।
उन्होंने कहा, “दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है, अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति की जा रही है।”
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के हर नागरिक को उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं मिले और कोई भी व्यक्ति बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं से वंचित न रहे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य सरकार की तारीफ की
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने छत्तीसगढ़ सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार राज्य सरकार के प्रयासों और केंद्र सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय राज्य सरकार के साथ मिलकर भविष्य में भी स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार लाने के लिए कार्य करता रहेगा।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में नया बदलाव देखा गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे राज्य और केंद्र सरकार के सहयोग की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और प्रदेशवासियों को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इस सकारात्मक बदलाव के चलते, छत्तीसगढ़ भारत के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है जहां स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार हो रहा है। आने वाले वर्षों में, इन सुधारों को और अधिक स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
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