रायपुर। समीक्षा बैठक
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने मंगलवार को पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं अम्बेडकर अस्पताल की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभिन्न आवश्यकताओं और भविष्य की योजनाओं के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक के बाद उन्होंने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और निर्माणाधीन शव परीक्षण (मॉर्चुअरी) गृह को शीघ्र पूरा करने के आदेश दिए।
स्वास्थ्य सचिव ने रेडियोडायग्नोसिस विभाग, कैंसर विभाग, अस्पताल किचन, प्रस्तावित 700 बिस्तर के एकीकृत अस्पताल स्थल और नव निर्माणाधीन मॉर्चुअरी गृह का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्रीमती किरण कौशल, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, सीजीएमएससी की संचालक पद्मिनी भोई, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी और अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर मौजूद थे।
परिजन आवास एवं भोजन व्यवस्था पर जोर
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में परिजन आवास निर्माण की योजना पर काम तेज करने को कहा। इसके अलावा, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने मरीजों के परिजनों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराने के इच्छुक संगठनों के लिए चिन्हित स्थान पर शेड निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने को कहा।
अस्पताल उन्नयन और निर्माण कार्यों की समीक्षा
बैठक में स्वास्थ्य सचिव कटारिया ने अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के वर्तमान और प्रस्तावित निर्माण कार्यों की जानकारी ली। डीन डॉ. विवेक चौधरी ने विभागीय बजट, आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया और विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि वन विभाग से प्राप्त शासकीय भूमि पर रेजिडेंट क्वार्टर और छात्रावास निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेज के 1500 सीट क्षमता वाले ऑडिटोरियम भवन का सौंदर्यीकरण और जी प्लस टू से जी प्लस सेवन कैंसर अस्पताल का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) के तहत शुरू किया जाना है।
स्वास्थ्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज के भवन में लगे एसी सिस्टम के रखरखाव, परिसर में विद्युत आपूर्ति सुधार, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और फायर फाइटिंग सिस्टम की अद्यतन स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने मॉर्चुअरी अपग्रेडेशन एवं विस्तार कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, एल-2 ट्रॉमा केयर सेंटर के निर्माण को जल्द शुरू करने के लिए लोक निर्माण विभाग और ट्रॉमा निर्माण समिति को आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरा करने के लिए कहा।
डिजिटलाइजेशन और नई योजनाएं
अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बैठक में आगामी चार वर्षों की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में गार्बेज मैनेजमेंट को सुचारू करने के लिए कार्डियोलॉजी विभाग के पास नया रास्ता बनाया जाएगा। इसके अलावा, एसएनसीयू और आईसीयू से फायर एग्जिट का निर्माण और मेडिकल रिकॉर्ड डिपार्टमेंट (एमआरडी) में ई-फाइलिंग जैसी योजनाएं प्रस्तावित हैं।
डिजिटल हेल्थ सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए “नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल” परियोजना के कार्यान्वयन पर भी चर्चा हुई। शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओंकार खंडवाल ने टेली-रेडियोलॉजी सुविधा की जानकारी देते हुए बताया कि इससे दूरदराज के मरीजों को बेहतर चिकित्सा परामर्श मिल सकेगा।
बैठक में शामिल अधिकारी एवं विशेषज्ञ
इस समीक्षा बैठक में कई विभागों के प्रमुख अधिकारी शामिल हुए, जिनमें रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ. एस. बी. एस. नेताम, अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रविकांत दास, कैंसर विभागाध्यक्ष डॉ. मंजुला बेक, फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित त्रिपाठी, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दिवाकर धुरंधर, सहायक अधीक्षक डॉ. अनिल बघेल, डॉ. आनंद जायसवाल और नर्सिंग अधीक्षक सुश्री नंदा रंगारी शामिल रहे। इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी और अस्पताल प्रशासन से जुड़े अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे।
निष्कर्ष
स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया की इस समीक्षा बैठक में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, डिजिटलाइजेशन, भवन निर्माण और मरीजों के परिजनों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने निर्माणाधीन मॉर्चुअरी गृह और अन्य विकास कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाएं अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बन सकें।

