रायपुर। लाला लाजपत राय जयंती
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 28 जनवरी को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और ‘पंजाब केसरी’ के नाम से विख्यात लाला लाजपत राय की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाला लाजपत राय का जीवन देश के प्रति समर्पण, बलिदान और संघर्ष का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपनी अमूल्य भूमिका निभाई और अंग्रेजी साम्राज्य के खिलाफ अपने दृढ़ संकल्प और साहस का प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री साय ने लाला लाजपत राय के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन हमें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा, “लाला लाजपत राय ने अपने प्रखर नेतृत्व और अदम्य साहस से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की। उनका बलिदान आज भी करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करता है।”
लाला लाजपत राय की अंग्रेजी शासन के खिलाफ निर्भीकता और उनकी दृढ़ता को याद करते हुए श्री साय ने उनके प्रसिद्ध कथन का उल्लेख किया, जिसमें लाला जी ने कहा था, “मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश सरकार के ताबूत में एक-एक कील का काम करेगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि लाला जी की यह बात सत्य साबित हुई और उनकी शहादत ने स्वतंत्रता संग्राम को तेज कर दिया।
स्वतंत्रता संग्राम में लाला लाजपत राय का योगदान
मुख्यमंत्री साय ने लाला लाजपत राय के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने न केवल स्वतंत्रता संग्राम में एक प्रभावशाली भूमिका निभाई, बल्कि भारतवासियों में स्वराज की भावना को जागृत किया। लाला जी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेता थे और बाल गंगाधर तिलक तथा बिपिन चंद्र पाल के साथ मिलकर “लाल-बाल-पाल” तिकड़ी का हिस्सा बने। इन तीनों ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा दी और ब्रिटिश शासन के खिलाफ लोगों को संगठित किया।
साय ने कहा कि लाला लाजपत राय ने न केवल राजनीतिक, बल्कि सामाजिक और शैक्षिक सुधारों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने दयानंद एंग्लो-वैदिक स्कूलों और कॉलेजों की स्थापना में मदद की, जो आज भी शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर हैं।
साइमन कमीशन के खिलाफ प्रदर्शन में नेतृत्व
मुख्यमंत्री ने उस ऐतिहासिक घटना का जिक्र किया जब 1928 में साइमन कमीशन के विरोध प्रदर्शन के दौरान लाला लाजपत राय पर लाठीचार्ज किया गया था। इस हमले के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। श्री साय ने कहा, “लाला जी ने अपनी जान की परवाह किए बिना स्वतंत्रता संग्राम की मशाल को जलाए रखा। उनका बलिदान न केवल अंग्रेजी शासन के खिलाफ जनाक्रोश को बढ़ाने का कारण बना, बल्कि स्वराज के आंदोलन को नई दिशा और गति दी।”
लाला लाजपत राय की प्रेरणा से आगे बढ़ने का आह्वान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लाला लाजपत राय जैसे महान राष्ट्रभक्तों का जीवन हमें प्रेरित करता है कि हम अपने देश की प्रगति और उन्नति के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। उन्होंने कहा, “लाला जी का बलिदान और उनके द्वारा दिखाया गया साहस हर भारतीय को यह संदेश देता है कि देश की आजादी और उन्नति के लिए हमें पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करना चाहिए।”
लाला लाजपत राय का संदेश आज भी प्रासंगिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाला लाजपत राय का जीवन और उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता संग्राम के समय थे। उनके विचार हमें समाज और राष्ट्र के विकास के लिए प्रेरित करते हैं। श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे लाला लाजपत राय के आदर्शों को अपनाएं और देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए कार्य करें।
समर्पण और बलिदान की मिसाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाला लाजपत राय का देश के प्रति समर्पण और बलिदान अविस्मरणीय है। उनका जीवन यह दिखाता है कि कैसे एक व्यक्ति अपने दृढ़ संकल्प और विचारों से राष्ट्र को दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा, “हम लाला जी के योगदान को कभी नहीं भुला सकते। उनके आदर्श हमारे लिए सदैव प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।”
लाला लाजपत राय को श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से लाला लाजपत राय को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनकी जयंती पर हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए।
“लाला लाजपत राय का बलिदान देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी को याद दिलाता है। उनके आदर्शों का पालन करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी,” साय ने अपने संदेश में कहा।

