रायपुर। बस्तर में 26 गांवों में तिरंगा फहराने से बदलाव आया।
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में इस बार 76वें गणतंत्र दिवस का आयोजन ऐतिहासिक बन गया। जो गांव कभी नक्सलियों के खौफ के साए में जीते थे, वहां पहली बार तिरंगा लहराया गया। छत्तीसगढ़ सरकार के नक्सल उन्मूलन अभियान ने इन गांवों को भय और आतंक से मुक्त कर नई दिशा दी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान ने बस्तर संभाग में सुरक्षा और विकास की एक नई कहानी लिखी है। इस बार संभाग के 26 गांवों में ग्रामीणों ने पूरे उत्साह से गणतंत्र दिवस मनाया और तिरंगा फहराया।
शांति और विकास की नई राह
बस्तर संभाग के गांव, जो कभी नक्सलियों के प्रभाव में थे, अब शांति और विकास के प्रतीक बन रहे हैं। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत राज्य सरकार ने बीते एक वर्ष में 26 नए सुरक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। इन सुरक्षा केंद्रों ने न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि इन क्षेत्रों को विकास का केंद्र भी बनाया।
बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर जिलों के इन गांवों में इस बार पहली बार गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। स्थानीय लोगों ने इस ऐतिहासिक अवसर पर न केवल भाग लिया, बल्कि पूरे जोश और गर्व के साथ राष्ट्रीय पर्व मनाया।
गणतंत्र दिवस का उल्लास
गणतंत्र दिवस पर इन गांवों में पुलिस और सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान राष्ट्रीय पर्व के महत्व पर चर्चा हुई और बच्चों को मिठाइयां व चॉकलेट बांटी गईं। गांव के लोगों ने इस नई शुरुआत को बेहद उत्साह और उमंग के साथ मनाया।
सुरक्षा बलों की इस पहल ने स्थानीय लोगों में विश्वास पैदा किया है। जहां पहले लोग भय के कारण सामान्य जीवन नहीं जी सकते थे, वहीं अब वे स्वतंत्रता और सुरक्षा का अनुभव कर रहे हैं।

गांवों में सुरक्षा केंद्रों की स्थापना
बीते एक साल में राज्य सरकार ने बस्तर संभाग के अंदरूनी और दूरदराज के इलाकों में 26 नए सुरक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। इनमें बीजापुर जिले के गुंडम, फुटकेल, छुटवाही, कोंडापल्ली, ज़िडपल्ली, वाटेवागु, कर्रेगट्टा, पीड़िया; नारायणपुर जिले के कस्तुरमेटा, मसपुर, ईरकभट्टी, मोहंदी, होरादी, गारपा, कच्चापाल, कोड़लियार; सुकमा जिले के टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, लखापाल, पूलनपाड़, तुमालपाड़, रायगुडेम, गोलाकुंडा, गोमगुड़ा, मेट्टागुड़ा; और कांकेर जिले के पानीडोबीर जैसे गांव शामिल हैं।
इन केंद्रों ने इन क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बहाल करने और विकास कार्यों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है।
शांति और लोकतंत्र की बहाली
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री सुंदरराज पी. ने कहा कि सरकार और सुरक्षा बलों के सामूहिक प्रयासों से बस्तर संभाग में शांति और लोकतंत्र की बहाली हुई है। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत स्थापित सुरक्षा केंद्रों ने इन क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा सुनिश्चित की है।
मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह
जगदलपुर के लालबाग परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता की सराहना की। उन्होंने कहा, “बस्तर संभाग में शांति और विकास की दिशा में किए गए प्रयास आने वाले समय में और अधिक सकारात्मक परिणाम देंगे।”
स्थानीय लोगों में बढ़ा आत्मविश्वास
नक्सल उन्मूलन अभियान ने ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। सुरक्षा बलों और सरकार के प्रयासों से न केवल इन क्षेत्रों में भय का माहौल समाप्त हुआ है, बल्कि लोगों के बीच आत्मविश्वास भी बढ़ा है। पहली बार तिरंगा फहराते देख ग्रामीणों ने इसे अपनी स्वतंत्रता और अधिकारों का प्रतीक माना।
निष्कर्ष
76वें गणतंत्र दिवस पर बस्तर संभाग के 26 गांवों में पहली बार तिरंगा लहराना, न केवल इन क्षेत्रों में शांति और विकास की बहाली का प्रतीक है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों के सामूहिक प्रयासों की एक बड़ी उपलब्धि भी है। नक्सल उन्मूलन अभियान ने इन गांवों को भय के साए से निकालकर विकास और शांति के मार्ग पर अग्रसर किया है।

