रायपुर। मुख्यमंत्री से योग गुरु बाबा रामदेव की मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में योग गुरु बाबा रामदेव ने सौजन्य मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
योग गुरु बाबा रामदेव छत्तीसगढ़ दौरे पर आए हुए हैं और इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्य में योग और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार पर चर्चा की। योग गुरु ने मुख्यमंत्री से राज्य में योग की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान दोनों ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य और कल्याण के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उपायों पर चर्चा की।
राज्य में योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देने की योजना
बाबा रामदेव ने मुख्यमंत्री को बताया कि कैसे योग और आयुर्वेद की विधाएं न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती हैं, बल्कि मानसिक और आत्मिक शांति भी प्रदान करती हैं। उन्होंने राज्य सरकार से योग शिक्षा और आयुर्वेद के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की। साथ ही, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि राज्य सरकार योग प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार कर सकती है, जो ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को स्वास्थ्य के लाभ के बारे में बताने का कार्य करें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा रामदेव के सुझावों को स्वीकार करते हुए कहा कि योग और आयुर्वेद की विधाओं को राज्य में बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पहले ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई योजनाएं चला रही है, और योग व आयुर्वेद को मुख्यधारा में लाने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में योग प्रशिक्षण केंद्रों के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपचार केंद्रों की भी स्थापना की जाएगी, ताकि राज्य के लोग पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का लाभ उठा सकें।

समाज के विभिन्न वर्गों के लिए विशेष कार्यक्रम
इस मुलाकात के दौरान बाबा रामदेव ने राज्य में योग और आयुर्वेद के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के लिए सभी वर्गों, विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम तैयार किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा रामदेव की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य में योग और आयुर्वेद के कार्यक्रमों के लिए उचित योजना बनाई जाएगी। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य शिविर, योग कार्यशालाओं और आयुर्वेदिक उपचार कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस लाभकारी क्षेत्र से जुड़ सकें।
योग शिक्षा के महत्व पर जोर
इस अवसर पर बाबा रामदेव ने योग शिक्षा के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और मानसिक शांति मिलती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह भी अनुरोध किया कि राज्य के स्कूलों और कॉलेजों में योग शिक्षा को अनिवार्य किया जाए, ताकि युवा पीढ़ी भी इसके लाभों से परिचित हो सके।
मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव की बातों से सहमति जताते हुए कहा कि राज्य सरकार स्कूलों और कॉलेजों में योग शिक्षा को प्राथमिकता देगी, ताकि बच्चों और युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखा जा सके।
बाबा रामदेव का राज्य में स्वागत
इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा रामदेव का छत्तीसगढ़ राज्य में स्वागत करते हुए कहा कि राज्य में योग और आयुर्वेद की महत्वता को देखते हुए उनके योगदान से निश्चित ही सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने बाबा रामदेव के प्रयासों की सराहना की और राज्य में उनके द्वारा किए जा रहे स्वास्थ्य सुधारों के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “योग और आयुर्वेद भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं और इनका हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान है। बाबा रामदेव के योगदान से लाखों लोगों को स्वास्थ्य के लाभ के बारे में जानकारी मिली है और वे अपनी जीवनशैली को बेहतर बना रहे हैं।”
समापन
मुलाकात के अंत में बाबा रामदेव ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार को आभार व्यक्त किया और राज्य में योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि वह छत्तीसगढ़ में आने वाले समय में और अधिक कार्यशालाओं और कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इन पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से लाभान्वित हो सकें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा रामदेव को उनके आगामी कार्यक्रमों के लिए शुभकामनाएं दीं और राज्य सरकार की तरफ से उन्हें हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

