रायपुर। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
छत्तीसगढ़ में फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के बाद 1 जनवरी 2025 की स्थिति में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। राज्य में अब कुल 2.11 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। राज्य में निर्वाचकों का लिंगानुपात 1024 है, जो महिलाओं की बेहतर भागीदारी को दर्शाता है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने आज इस अवसर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और अंतिम मतदाता सूची की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अंतिम मतदाता सूची छत्तीसगढ़ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट ceochhattisgarh.nic.in पर अपलोड कर दी गई है। नागरिक मतदान केन्द्रवार सूची को आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं और उसका अवलोकन कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ में मतदाताओं की कुल संख्या
श्रीमती कंगाले ने बताया कि अंतिम सूची के अनुसार, राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 2,11,05,391 है। इनमें:
- पुरुष मतदाता: 1,04,27,842
- महिला मतदाता: 1,06,76,821
- तृतीय लिंग मतदाता: 728
18-19 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं की संख्या भी उल्लेखनीय है। इस वर्ग में 4,52,134 नए मतदाता पंजीकृत हुए हैं, जो राज्य की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
राज्य में लिंगानुपात और मतदान केंद्र
राज्य में मतदाताओं का लिंगानुपात 1024 है, जो महिलाओं की बेहतर भागीदारी को रेखांकित करता है। इस आंकड़े से छत्तीसगढ़ देश में महिला मतदाताओं की भागीदारी के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है।
राज्य के 90 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 24,371 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। ये मतदान केंद्र मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं, ताकि हर नागरिक अपने मताधिकार का उपयोग कर सके।
मतदाता सूची में ऑनलाइन सुविधाएं
श्रीमती कंगाले ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, विलोपन, संशोधन और स्थानांतरण के लिए अब घर बैठे ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इस सुविधा के लिए मतदाता हेल्पलाइन ऐप (Voter Helpline App) और वेबसाइट voters.eci.gov.in उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि इस ऑनलाइन प्रक्रिया से मतदाता सूची में नाम जोड़ने और अन्य संशोधनों की प्रक्रिया और भी आसान हो गई है। मतदाता अब बिना किसी परेशानी के अपने घर से ही इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
राजनीतिक दलों के साथ बैठक
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में बताया कि मतदाता सूची की फोटोरहित प्रति को अंतिम प्रकाशन के साथ सार्वजनिक कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सभी हितधारकों को जानकारी उपलब्ध कराने के लिए उठाया गया है।
बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री पी.एस. ध्रुव, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो और सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री रुपेश वर्मा भी उपस्थित थे। उन्होंने राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और उससे संबंधित सभी प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
युवाओं की बढ़ती भागीदारी
18-19 वर्ष के आयु वर्ग में पंजीकृत 4.52 लाख नए युवा मतदाता राज्य में युवाओं की बढ़ती राजनीतिक जागरूकता का प्रमाण हैं। ये युवा पहली बार मतदाता सूची में शामिल हुए हैं और भविष्य के चुनावों में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
श्रीमती कंगाले ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, “यह बेहद उत्साहजनक है कि हमारे युवा लोकतंत्र की मजबूती में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। उनकी भागीदारी राज्य के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।”
नागरिकों के लिए संदेश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा, “जो मतदाता अभी तक पंजीकृत नहीं हुए हैं, वे मतदाता हेल्पलाइन ऐप या वेबसाइट के माध्यम से आसानी से अपना नाम जोड़ सकते हैं। साथ ही, अगर किसी के नाम, पते या अन्य जानकारी में कोई त्रुटि है, तो इसे ऑनलाइन ठीक करने की सुविधा भी उपलब्ध है।”
राज्य की निर्वाचन व्यवस्था पर टिप्पणी
छत्तीसगढ़ में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी राज्य की मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था को दर्शाती है। मतदाताओं की कुल संख्या में वृद्धि और युवाओं की भागीदारी राज्य की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में एक बड़ा सकारात्मक कदम है।
निष्कर्ष
1 जनवरी 2025 की स्थिति में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र की मजबूती को रेखांकित करती है। कुल 2.11 करोड़ मतदाताओं के साथ, राज्य ने न केवल लिंगानुपात में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, बल्कि युवाओं को भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने में सफलता हासिल की है।
राज्य के नागरिकों को अब डिजिटल माध्यमों से अपने मतदाता पंजीकरण और संशोधन की सुविधा मिल रही है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी और अधिक सुगम हो गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले और उनकी टीम के प्रयास छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करने में सहायक साबित हो रहे हैं।

