रायपुर। रबी फसलों की बोनी
छत्तीसगढ़ में रबी सीजन की खेती के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। राज्य में अब तक 16.41 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की बोनी पूरी हो चुकी है, जो कुल लक्ष्य का 85% है। चना, गेहूं, मटर, अलसी, सरसों, मक्का और रागी जैसी फसलों की खेती ने इस सीजन में प्रमुखता हासिल की है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर खरीफ सीजन की तरह रबी सीजन के लिए भी किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया है। इस ऋण योजना के तहत अब तक 336 करोड़ रुपये की राशि किसानों को प्रदान की जा चुकी है।
बीज वितरण में शानदार प्रगति
रबी फसलों की बेहतर पैदावार सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष 2.89 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। अब तक 1.63 लाख क्विंटल बीज का भंडारण और 1.46 लाख क्विंटल बीज का वितरण किया गया है, जो भंडारण का 90% है। अधिकारियों ने बताया कि प्रमाणित बीजों के वितरण से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उर्वरक वितरण की स्थिति
रबी फसलों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 4.65 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 5.58 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया गया है, जिसमें से 2.20 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण हो चुका है। यह कुल भंडारण का 39% है। उर्वरक वितरण में यह प्रगति सरकार की बेहतर योजना और किसानों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने का प्रमाण है।
कृषि ऋण से किसानों को राहत
छत्तीसगढ़ सरकार ने रबी सीजन के लिए अल्पकालीन कृषि ऋण की योजना शुरू की है, जिसके तहत अब तक 336 करोड़ रुपये किसानों को उपलब्ध कराए गए हैं। यह राशि किसानों को बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति में मदद कर रही है। कृषि विभाग के अनुसार, ऋण वितरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है ताकि अधिकतम किसानों को इसका लाभ मिल सके।
सरकार की प्राथमिकता: किसानों की उन्नति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “हमारी सरकार किसानों की उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है। खरीफ के बाद रबी सीजन में भी किसानों को हर संभव सहायता दी जा रही है। उन्नत बीज, उर्वरक और कृषि ऋण के माध्यम से उनकी जरूरतों को पूरा करने के प्रयास जारी हैं। सरकार का उद्देश्य न केवल पैदावार बढ़ाना है, बल्कि किसानों की आय और जीवन स्तर को भी ऊंचा करना है।”
रबी फसलों की खेती: राज्य की प्रगति का प्रतीक
छत्तीसगढ़ में रबी फसलों की खेती से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है, बल्कि यह कृषि क्षेत्र में प्रदेश की मजबूती को भी दर्शा रहा है। चना और गेहूं जैसी फसलों की पैदावार में राज्य का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है।
सुधार और भविष्य की योजनाएं
राज्य सरकार ने उर्वरक और बीज की मांग को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त भंडारण और वितरण की व्यवस्था की है। इसके साथ ही, सरकार किसानों को नई तकनीकों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से खेती के आधुनिक तरीकों से परिचित करा रही है।
सरकार के प्रयासों को मिली किसानों की सराहना
कृषि विभाग के इन प्रयासों को किसानों ने सराहा है। एक किसान ने कहा, “बीज और उर्वरक समय पर मिल रहे हैं, जिससे हमें खेती में आसानी हो रही है। सरकार की ऋण योजना ने भी हमारी आर्थिक समस्याओं को कम किया है।”
रबी सीजन के लिए आशाजनक संकेत
छत्तीसगढ़ में रबी फसलों की बोनी और सरकारी योजनाओं की सफलता यह संकेत देती है कि राज्य इस सीजन में अच्छी पैदावार की ओर अग्रसर है। किसानों को मिली यह सुविधाएं न केवल उनकी उपज बढ़ाएंगी, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से भी सशक्त करेंगी।
छत्तीसगढ़ सरकार के इन प्रयासों ने राज्य के कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी है। रबी फसलों की बोनी और वितरण की प्रगति से यह साफ है कि राज्य न केवल खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि किसानों के जीवन स्तर को भी ऊंचा उठा रहा है।
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