रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव
छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव 2024-25 के दूसरे दिन रायपुर साइंस कॉलेज मैदान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रंगारंग कार्यक्रमों से गूंज उठा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा, कला और आधुनिक संगीत का अनोखा संगम दर्शकों के दिलों में एक गहरी छाप छोड़ गया।
कार्यक्रम का आगाज छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध आरुग बैंड की बेहतरीन प्रस्तुति के साथ हुआ। इसके बाद पद्म श्री अनुज शर्मा और उनकी टीम ने अपनी छत्तीसगढ़ी पारंपरिक लोकगीतों और आधुनिक धुनों से मंच को जीवंत कर दिया। अनुज शर्मा ने अपने प्रसिद्ध राम भजन “हरि अनन्त, हरि कथा अनन्ता” के साथ शुरुआत की, जिससे पूरे मैदान में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बन गया। उन्होंने माता-पिता को समर्पित गीत “झन भूलव मां बाप ला” और लोकगीत “छैयाँ भुइयाँ ला छोडके जवईया” को भी प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया। ददरिया शैली के गीत “माते रइबे” ने दर्शकों को झूमने और तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
मंत्री टंक राम वर्मा की प्रस्तुति ने बढ़ाई महोत्सव की रौनक
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा ने अपनी प्रस्तुति से महोत्सव की भव्यता में चार चांद लगा दिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि लक्ष्मण मस्तूरिया के गीतों को अपने अनोखे अंदाज में प्रस्तुत किया। उनके गायन ने छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की सादगी और गहराई को उजागर किया, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
वर्मा ने मंच पर उपस्थित युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ की संस्कृति और कला को दुनिया भर में पहचान दिलाने के लिए युवाओं को इस मंच का भरपूर उपयोग करना चाहिए।”
दायरा बैंड की जादुई प्रस्तुति
दायरा बैंड ने अपनी बेमिसाल प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके गीत “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” और “बैलाडीला बैलाडीला” ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति को जीवंत कर दिया। इस बैंड में मुंबई के कलाकारों और बस्तर के स्थानीय गायकों का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने दर्शकों के मन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति के प्रति गौरव और उत्साह को और बढ़ा दिया।
दायरा बैंड की प्रस्तुति के दौरान पूरा माहौल बस्तर की अद्वितीय धरोहर और छत्तीसगढ़ की सुंदरता के रंग में रंग गया। बैंड के प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ की लोककला और संगीत न केवल राज्य बल्कि पूरे देश में अपनी पहचान बना रहा है।

लोक संस्कृति और आधुनिक संगीत का अद्भुत संगम
महोत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पारंपरिक कला के साथ-साथ आधुनिक संगीत का भी भरपूर प्रदर्शन हुआ। पारंपरिक नृत्य, गायन, और वाद्य यंत्रों की धुनों ने जहां छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत को उजागर किया, वहीं आधुनिक संगीत और बैंड प्रस्तुति ने युवाओं को ऊर्जा से भर दिया।
महोत्सव में विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस यादगार आयोजन में वन मंत्री केदार कश्यप, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा, विधायक श्री अनुज शर्मा, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर समेत कई जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवा भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम के समापन पर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा, “युवा महोत्सव जैसे आयोजन न केवल हमारे युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देते हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित और प्रचारित करने का भी माध्यम बनते हैं।”
छत्तीसगढ़ की संस्कृति का उत्सव
छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव 2024-25 ने यह साबित कर दिया कि यहां की संस्कृति और कला का जादू हर उम्र के दर्शकों को प्रभावित कर सकता है। पारंपरिक और आधुनिकता के इस संगम ने छत्तीसगढ़ की गहरी सांस्कृतिक जड़ों को उजागर करते हुए युवाओं को अपनी कला और परंपरा के प्रति जागरूक और गर्वित किया।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति के इस उत्सव ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि हमारी लोक परंपरा और आधुनिकता का संतुलन ही हमें अद्वितीय बनाता है।

